योगिनी एकादशी पर भगवान विष्णु का अभिषेक
- एकादशी के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करते हुए ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें।
- योगिनी एकादशी पर घर पर पंचामृत तैयार करें भगवान विष्णु के पूजन के दौरान इस पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक करें।
- पंचामृत से भगवान विष्णु का अभिषेक करने के बाद उनको स्वच्छ जल और गंगाजल से अभिषेक करके चंदन और माला फूल अर्पित करें।
- अभिषेक करने के बाद भगवान विष्णु का श्रृंगार करें जिसमें उनको पीले रंग के वस्त्र, चंदन, रोली और पीले रंग अर्पित करें।
- अंत में भगवान विष्णु को भोग में पीली मिठाई अर्पित करें लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि भोग में तुलसी दल को जरूर शामिल करें।
एकादशी पर पूजा का फल
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी पर भगवान विष्णु की आराधना और अभिषेक करने से व्यक्ति को सभी तरह के फलों की प्राप्ति होती है। एकादशी पर भगवान विष्णु की कृपा से सभी तरह के सुखों की प्राप्ति और आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिलती है। इससे जीवन में मानसिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
एकादशी पूजन का महत्व
एकादशी पर ब्रह्रा मुहूर्त में पूजन का विशेष महत्व होता है। हिंदू धर्म में ब्रह्रा मुहूर्त में पूजा करने का विशेष महत्व होता है। ब्रह्रा मुहूर्त का समय सूर्योदय से करीब डेढ़ घंटे पहले का समय होता है। जो सुबह 4 बजे से लेकर बजकर 30 मिनट तक होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ब्रह्रा मुहूर्त में किया जाने वाला पूजा पाठ बहुत ही फलदायी होता है।
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