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गुरुवार के दिन पीला रंग क्यों माना जाता है शुभ ? धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं से समझिए महत्व

Thu, 09 Jul 2026 02:55 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार के दिन पीले रंग के कपड़े पहनने का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष में भी पीला रंग गुरु ग्रह का प्रतिनिधि माना गया है, इसलिए इस दिन पीले रंग का प्रयोग शुभ फलदायी माना जाता है।
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Guruwar Ke Upay - फोटो : AI
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विस्तार
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भारतीय संस्कृति में सप्ताह के प्रत्येक दिन का अपना विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। गुरुवार, जिसे बृहस्पतिवार भी कहा जाता है, भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति की आराधना का दिन माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में इस दिन पीले रंग को अत्यंत शुभ माना गया है। यही कारण है कि गुरुवार के व्रत, पूजा और दान में पीले रंग की वस्तुओं का विशेष स्थान है। ज्योतिष शास्त्र में भी पीला रंग गुरु ग्रह का प्रतिनिधि माना गया है, इसलिए इस दिन पीले रंग का प्रयोग शुभ फलदायी माना जाता है।
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पीला रंग क्यों है भगवान विष्णु को प्रिय ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु पीताम्बर धारण करते हैं। पीत वस्त्र उनके पालनकर्ता स्वरूप, शांति, पवित्रता और समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए गुरुवार को भगवान विष्णु को पीले पुष्प, हल्दी, चने की दाल, केसरयुक्त भोग या पीले फलों का अर्पण करना शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धा से की गई यह पूजा घर में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का वातावरण बनाती है।

ज्योतिष में पीले रंग का संबंध गुरु ग्रह से
ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, संतान, विवाह, शिक्षा, सम्मान और भाग्य का कारक ग्रह माना गया है। गुरु ग्रह का प्रतिनिधि रंग पीला है। इसलिए जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो या जिन पर गुरु की शुभ दृष्टि प्राप्त करने की इच्छा हो, उन्हें गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करने, हल्दी का तिलक लगाने तथा पीली वस्तुओं का दान करने की सलाह दी जाती है। हालांकि किसी भी ज्योतिषीय उपाय को अपनाने से पहले योग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत परामर्श लेना उचित रहता है।
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गुरुवार को किन पीली वस्तुओं का है महत्व?
धार्मिक परंपराओं में इस दिन चने की दाल, हल्दी, केसर, पीले पुष्प, केले, बेसन से बने प्रसाद और पीले वस्त्र का विशेष महत्व बताया गया है। गुरुवार के व्रत में कई श्रद्धालु पीले रंग का भोजन ग्रहण करते हैं। वहीं जरूरतमंदों को पीले वस्त्र, हल्दी या चने की दाल का दान भी पुण्यदायी माना गया है। इन परंपराओं का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि दान और सेवा की भावना को भी बढ़ावा देना है।

पीला रंग देता है सकारात्मकता का संदेश
धर्म और भारतीय परंपरा में पीला रंग आशा, ज्ञान, उत्साह और शुभता का प्रतीक माना गया है। यह रंग सूर्य के प्रकाश, नई ऊर्जा और आध्यात्मिक जागृति का भी संकेत देता है। इसलिए गुरुवार के दिन घर के पूजा स्थान पर पीले पुष्प अर्पित करना, स्वच्छ पीले वस्त्र पहनना और भगवान विष्णु का स्मरण करना शुभ माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में भी गुरु को अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाने वाला बताया गया है, इसलिए पीला रंग ज्ञान और विवेक का प्रतीक भी माना जाता है।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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