संसार में आने पर मनुष्य को सबसे अधिक पाप की और ले जाना वाला साधन काम है। काम पीडि़त मनुष्य में अच्छे बुरे का निर्णय कर पाना कठिन हो जाता है और महापाप कर बैठता है।
ऎसा मनुष्य दुनिया समाज में निंदित होता है और मृत्यु के बाद यमलोक में जाकर ऎसी यातना प्राप्त करता है जिसे सोच कर भी प्राणी की आत्मा कांप जाती है।
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गरूड़ पुराण में बताया गया है कि जो स्त्री अपने पति को छोड़कर दूसरे पुरूषों से संबंध रखती है उसे यमलोक में दहकते लोहे का आलिंगन कराया जाता है। पाप की सजा पूरी होने पर ऎसी स्त्री चमगादड़, छिपकली अथवा दोमुंहा सांप के रूप में जन्म लेती है।
जो पुरूष अपने गोत्र की स्त्री से संबंध बनाता है उसे लकड़बघ्घा अथवा शाही के रूप में जन्म लेना पड़ता है। कुंवारी अथवा अल्पायु कन्या से संबंध बनाने वाले को नर्क की घोर यातना सहने के बाद अजगर योनी में आकर जन्म लेना पड़ता है।
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जो व्यक्ति काम भावना से पीड़ित होकर गुरू की पत्नी का मान भंग करने वाला व्यक्ति वर्षों तक नर्क की यातना सहने के बाद गिरगिट की योनी में जन्म लेता है। मित्र के साथ विश्वासघात करके उसके पत्नी से संबंध बनाने वाले को यमराज गधा की योनी में जन्म देते हैं।