घर के मंदिर में हम तरह-तरह की मूर्तियां रखने के शौकीन होते हैं। जब भी हमें कोई खूबसूरत मूर्ति दिख जाती है तो हम उसे अपने घर के मंदिर में स्थापित कर लेते हैं। हालांकि, हम इन मूर्तियों को स्थापित करते समय कुछ नियमों को भूल जाते हैं। घर के मंदिर में भगवान की मूर्तियां रखते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे। हालांकि, कई लोगों को यह पता ही नहीं है कि जब भी घर में मूर्ति की स्थापना करें तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। तो आज की इस खबर में हम आपको कुछ खास नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका आपको पूरी तरह से ध्यान देना है। आइए जानते हैं।
मूर्ति की ऊंचाई
इनमें सबसे ज्यादा अहम है, मूर्तियों की ऊंचाई। सबसे पहले मूर्तियों की ऊंचाई का सही चयन करना जरूरी है। आमतौर पर मूर्तियां 1 से 2 फीट के बीच होनी चाहिए। अगर मूर्तियां बहुत बड़ी होंगी तो घर के वातावरण में संतुलन नहीं रहेगा और बहुत छोटी मूर्तियां भी सही प्रभाव नहीं डाल पातीं। इसलिये मूर्तियों का आकार उचित होना चाहिए।
किस दिशा में रखें मंदिर
मंदिर को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रखना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इस दिशा से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। अगर यह दिशा खाली न हो, तो आप मंदिर को पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं। मूर्तियां हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में रखनी चाहिए ताकि घर में शांति और समृद्धि बनी रहे।
किस जगह रखनी चाहिए मूर्तियां
मूर्तियां हमेशा एक ऊंची और साफ जगह पर रखनी चाहिए, जिससे वे जमीन से ऊपर रहें और उन्हें किसी भी प्रकार का दबाव न महसूस हो। इसके अलावा, मंदिर में सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। साफ-सफाई से घर की ऊर्जा सकारात्मक रहती है और वातावरण शुद्ध रहता है। गंदगी और अव्यवस्था से नकारात्मक ऊर्जा आ सकती है। इसलिए मंदिर की सफाई पर ध्यान देना चाहिए।
मंदिर में होनी चाहिए रोशनी
मंदिर में रोशनी होनी चाहिए, लेकिन यह ध्यान रखें कि सीधी सूर्य की किरणें मूर्तियों पर न पड़ें। सूर्य की सीधी रोशनी से मूर्तियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है। मंदिर में अंधेरा नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे भी नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।
सही आकार की होनी चाहिए मूर्तियां
मंदिर में रखी मूर्तियां हमेशा सही आकार की होनी चाहिए। न तो बहुत बड़ी और न ही बहुत छोटी। मूर्तियों का आकार घर के वातावरण के साथ मेल खाता हुआ और सुंदर होना चाहिए ताकि वह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सके और घर में शांति का माहौल बना रहे।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।