Valentines Day 2022: सनातन धर्म में भगवान शंकर और माता पार्वती को सर्वश्रेष्ठ आदर्श पति-पत्नी के रूप में मान्यता प्राप्त है।
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Valentines Day 2022: व्यक्ति के जीवन में रिश्तों की विशेष भूमिका होती है। यही रिश्ते एक-दूसरों को मजूबती के साथ आपस में जोड़कर रखते हैं। आपसी रिश्तों के बिना मानव जीवन की परिकल्पना किसी काम की नहीं होती है। हमारे समाज में जीवन के कई पड़ावों में कई रिश्तें बनते हैं। चाहे स्त्री और पुरुष के बीच वैवाहिक जीवन का रिश्ता हो या फिर प्रेमी-प्रेमिका के बीच का दोनों में एक-दूसरे के प्रति प्रेम, आदर, मजबूती और विश्वास का होना बहुत ही जरूरी होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रिश्तों में आपसी प्रेम या कड़वाहट दोनों ही ग्रहों के मेल पर निर्भर करता है। फरवरी महीने प्रेम संबंधों को मजूबत बनाने के लिए 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में प्रेम संबंधों में मजबूती बढ़ाने के लिए कई तरह उपाय बताए गए हैं इन उपायों में सबसे प्रमुख उपाय मंत्रों का जाप करना बताया गया है।
- सभी 09 ग्रहों में शुक्र ग्रह को प्रेम, सौंदर्य, सुख-समृद्धि और भौतिक सुख का कारक ग्रह माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता उनके जीवन में प्रेम संबंध और वैवाहिक जीवन बहुत ही सुखमय रहता है। कुंडली में शुक्र ग्रह को मजूबत करने के लिए शुक्र ग्रह के मंत्र ओम द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम: के मंत्र का जाप करना बहुत ही उपयोगी होता है।
-प्रेम और वैवाहिक जीवन में सुख, संपन्नता और प्रेमभाव के लिए कुंडली में शुक्र ग्रह का विचार किया जाता है। ऐसे में पति और पत्नी के बीच सुखी जीवन व्यातीत करने के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते समय लाल फूल के साथ ओम लक्ष्मी नारायणाय नम: के मंत्र का जाप कर सकते हैं।
- अगर प्रेम-संबंधों और वैवाहिक जीवन के रिश्तों में किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो तो गुरुवार के दिन ओम नमो भगवते वासुदेवाय के मंत्र का जाप करें।
-हिंदू धर्म में भगवान कामदेव को प्रेम का देवता माना जाता है। ऐसे में रिश्तों में सुख और सफलता पाने के लिए भगवान कामदेव की आराधना करते समय ओम कामदेवाय विद्यहे, रति प्रियायै धीमहि, तन्नो अनंग प्रचोदयात मंत्र का जाप करें। इससे पति-पत्नी के बीच प्रेम संबंधों का रिश्ता काफी मजबूत के साथ आगे बढ़ेगा।
-सनातन धर्म में भगवान शंकर और माता पार्वती को सर्वश्रेष्ठ आदर्श पति-पत्नी के रूप में मान्यता प्राप्त है। वैवाहिक जीवन और प्रेम संबंधों में मजूबती के लिए भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा समय-समय पर होती है। वैवाहिक जीवन को खुशहाल और मजबूती प्रदान करने लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के दौरान ओम नम: संभवाय च मयो भवाय च नम: शंकराय च मयस्कराय च नम: शिवाय च शिवतराय च के मंत्र का जाप करना चाहिए।