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खुला रहेगा स्वर्ग का द्वार, मिलेगा बैकुण्ठ में स्थान

Sat, 16 Nov 2013 09:23 AM IST
टीम डिजिटल
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हर साल एक दिन ऐसा होता है जब स्वर्ग का द्वार बंद नहीं होता है। इस दिन शरीर का त्याग करने वाले को स्वर्ग में स्थान मिलता है। जो व्यक्ति इस दिन व्रत करके भगवान शिव और विष्णु की पूजा करते हैं उनके सभी पाप कट जाते हैं और जीवात्मा को बैकुण्ठ में स्थान प्राप्त होता है।
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यह खास दिन है कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी। 2013 में 16 नवंबर को यह पुण्य दिवस है। शास्त्रों में वर्णित कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने इसी दिन भगवान विष्णु को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था।

कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी के दिन परमब्रह्म भगवान शिव और विष्णु एकाकार रूप में रहते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन 1000 कमल पुष्पों से भगवान विष्णु की पूजा करता है वह अपने कुल परिवार के साथ वैकुण्ठ में स्थान प्राप्त करता है।
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महाभारत युद्घ के बाद भगवान श्री कृष्ण ने कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी तिथि के दिन ही मृतक व्यक्तियों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्घ तर्पण की व्यवस्था की थी। इसलिए शास्त्रों में इसदिन श्राद्घ तर्पण करने का भी बड़ा महत्व बताया गया है।
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