देवीभाग्वात् पुराण के अनुसार भगवान विष्णु के चक्र से कटकर देवी सती के अंग के 51 टुकड़े हो गए। देवी सती के अंग के 51 टुकड़े धरती पर जहां जहां गिरे वह स्थान शक्तिपीठ के रुप में प्रतिष्ठित हो गए।
माना जाता है कि इन शक्तिपीठों में आदि शक्ति स्वयं विराजमान रहती हैं। एेसा ही एक शक्तिपीठ है पंजाब के जलंधर शहर में जो त्रिपुरमालिनी शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है।