मार्च में होली पर चंद्र ग्रहण और शनि का गोचर
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वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों के संयोग से कई तरह के शुभ योगों का निर्माण होता है। ऐसे ही मार्च का महीना बहुत ही विशेष है। मार्च के महीने में कई बड़ी घटनाएं घटित होंगी। इस माह शनि का राशि परिवर्तन होगा जो हर ढाई साल बाद होता है। मार्च माह में सूर्य और चंद्रग्रहण होगा। होली के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा और महीने के अंत में हिंदू नववर्ष नव संवत् 2082 शुरू होने के साथ चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी होगी। आइए जानते हैं मार्च में इन बड़ी घटनाओं के बारे में विस्तार से...
14 मार्च होली पर साल का पहला चंद्र ग्रहण
हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन 13 मार्च की रात होगा और रंगों वाली होली 14 मार्च को खेली जाएगी। यानी इस वर्ष होली के दिन चंद्र ग्रहण लगेगा। यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा जिस कारण से इसका सूतक काल भी प्रभावी नहीं होगा। भारतीय समय के अनुसार यह चंद्र ग्रहण सुबह 10 बजकर 39 मिनट पर शुरू हो जाएगा जिसका समापन दोपहर को 2 बजकर 18 मिनट पर खत्म होगा। यह चंद्र ग्रहण अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और पश्चिमी अफ्रीका में दिखाई देगा।
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29 मार्च चैत्र अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण
15 दिनों के अंतराल पर साल का दूसरा ग्रहण और पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को चैत्र अमावस्या पर लगेगा। यह ग्रहण भी साल के पहले चंद्र ग्रहण की तरह भारत में नहीं दिखाई देगा। ऐसे में इसका सूतक काल प्रभावी नहीं होगा। यानी ग्रहण के दौरान किसी भी तरह का कोई कार्य करने के मनाही नहीं होगी। इस दिन अमावस्या से जुड़े सभी तरह के धार्मिक कर्म जैसे स्नान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य के काम किए जा सकते हैं। भारतीय समय के अनुसार 29 मार्च को यह सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन 6 बजकर 14 मिनट पर होगा। यह सूर्य ग्रहण अफ्रीका, यूरोप और रूस के ज्यादातर हिस्सों में देखा जा सकता है।
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29 मार्च को शनि का मीन राशि में परिवर्तन
29 मार्च को सूर्य ग्रहण होगा और इसी दिन सभी नौ ग्रहों में सबसे मंद चाल से चलने वाले ग्रह शनि अपनी राशि बदलेंगे। शनि अपनी स्वयं की राशि और मूल त्रिकोण राशि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। आपको बता दें शनि कुंभ राशि में पिछले ढाई वर्षों से चल रहे थे और अब 29 मार्च को मीन राशि में आगे ढाई वर्षों तक रहेंगे। शनि के मीन राशि में गोचर करते हुए कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और ढैय्या में बदलाव आएगा। शनि के मीन राशि में गोचर करने से मकर राशि वालों पर जारी साढ़ेसाती उतर जाएगी वहीं मेष राशि पर साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। इसके अलावा कुंभ और मीन राशि वालों पर साढ़ेसाती जारी रहेगी। इसके अलावा शनि के गोचर करने से कर्क और वृश्चिक राशि से ढय्या खत्म हो जाएगी। सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी। वहीं दो बार शनि की चाल में बदलाव भी होगा। 13 जुलाई को शनि वक्री होंगे और 28 नवंबर को शनि मार्गी होंगे।
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30 मार्च को शुरू होगा नया हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2082
मार्च माह के आखिरी दिनों में नया हिंदू विक्रम संवत् 2082 आरंभ होगा। नव संवत् 2082 के साथ गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी।