पितृदोष के निवारण के लिए शास्त्रों में कई उपाय बताए गए हैं। उनमें सोमवती अमावस्या का दिन इस कार्य के लिए बहुत ही शुभ माना गया है। 2 दिसंबर 2013 के दिन सोमवार और अमावस्या तिथि का संयोग बन रहा है। जिससे यह सोमवार पितृदोष निवारण कार्य के लिए शुभ है।
इस दिन किए जा सकने वाले उपायों में पीपल और विष्णु की पूजा सबसे सरल है। सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के पास जाइए। वहां पीपल के पेड को एक जनेऊ दीजिये और एक जनेऊ भगवान विष्णु के लिए भी उसी पीपल को दीजिये।
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पीपल के पेड और भगवान विष्णु की प्रार्थना कीजिये,और एक सौ आठ परिक्रमा उस पीपल के पेड़ की दीजिये, हर परिक्रमा के बाद एक मिठाई जो भी आपके स्वेच्छा हो पीपल को अर्पित कीजिये। परिक्रमा करते हुए एकादश अक्षर (ॐ नमो भगवते वासुदेवाय) मंत्र का जाप करते जाइए।
परिक्रमा पूरी करने के बाद फिर से पीपल के पेड़ और भगवान विष्णु के लिये प्रार्थना कीजिये कि जाने अनजाने जो अपराध हुए है उनके लिये क्षमा मांगे। सोमवती अमावस्या की पूजा से बहुत जल्दी ही उत्तम फलों की प्राप्ति होने लगती है।
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पितृ दोष किसी भी प्रकार की सिद्धि सफलता को नहीं आने देते हैं। इस दोष की अनदेखी के कारण और अधिक आधुनिकता के प्रभाव के कारण प्राणी पिशाच योनि मे चले जाते है और दुःखी रहते है, उनके दुःखी रहने का कारण मुख्य रूप से यह माना जाता है कि उनके ही परिजन उन्हे भूल गए है और उनकी मुक्ति के उपाय नहीं कर रहे हैं।
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