सोना शरीर के लिए जरूरी है क्योंकि इससे शरीर की थकान दूर होती है। लेकिन सोते समय आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए वरना सोने के चक्कर आपको अपनी उम्र खोना पड़ सकता है।
सोने के तरीके से उम्र का पता
आपने देखा होगा कि गणेश जी का सिर हाथी का है। इसका कारण भी सोने के तरीके से जुड़ा हुआ है। इस संदर्भ में एक कथा है कि, शिव जी ने एक युद्घ में गणेश जी का सिर काट दिया। इससे देवी पार्वती क्रोधित हो गई और सृष्टि का अंत करने के लिए विकराल रूप धारण कर लिया।
ऐसे समय में भगवान विष्णु ने देवी पार्वती का क्रोध शांत करने के लिए गणेश जी को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई। इसके लिए एक सिर की जरूरत थी। भगवान विष्णु ऐसे व्यक्ति की तलाश में चल पड़े जिसकी उम्र बहुत कम थी।
जब भगवान को ऐसा कोई मनुष्य नहीं मिला तो उन्होंने देखा कि एक हाथी है जो पांव पर पांव रखकर सोया हुए है।
भगवान ने ध्यान लगाकर देखा तो समझ गए कि हाथी की उम्र पूरी हो चुकी है इसलिए यह पांव पर पांव रखकर सोया हुआ है। भगवान ने अपने चक्र से हाथी का सिर काट लिया और इस सिर को गणेश जी के धड़ से जोड़ दिया।
इस तरह सोना आयु को कम करना है
विष्णु और गणेश की कथा से ज्ञात होता है कि व्यक्ति को कभी भी पांव पर पांव रखकर नहीं सोना चाहिए। पांव पर पांव रखकर बैठना भी अच्छा शगुन नहीं माना जाता है। शास्त्रों में भी इस बात का उल्लेख है कि इस प्रकार से सोना और बैठना दोनों ही व्यक्ति की उम्र को कम करता है।
व्यवहारिक दृष्टि से भी पैर पर पैर रखकर सोना और बैठना इस बात को साबित करता है कि व्यक्ति की उम्र कम हो रही है। क्योंकि यह इस बात को साबित करता है कि व्यक्ति में उर्जा और उत्साह की कमी है। ऐसे व्यक्ति आराम पसंद होता है और सेहत के प्रति लापरवाह है। स्वभाविक है कि ऐसे व्यक्ति की उम्र कम होगी।