श्रावण मास भगवान शिव की उपासना के लिए सर्वश्रेष्ठ काल माना गया है और शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को विशेष पुण्यदायी माना गया है। इस दिन शिव भक्ति, सेवा, दान और जप से जीवन की अनेक बाधाएँ दूर होती हैं। धार्मिक और पौराणिक मान्यता है कि इस दिन जो भक्त श्रद्धापूर्वक भोलेनाथ की आराधना करता है, उसे सुख, समृद्धि और लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। व्यापार और करियर में सफलता के मार्ग खुलते हैं। ऐसे कुछ खास उपाय हैं जिन्हें आजमाने से शिव की कृपा सहज रूप से प्राप्त होती है।
शिवलिंग पर काले तिल और शहद से अभिषेक करें
काले तिल और शुद्ध शहद से शिवलिंग का अभिषेक करने से पापों का क्षय होता है और दुर्भाग्य दूर होता है। यह उपाय विशेष रूप से नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक समस्याओं को समाप्त करने वाला माना गया है।
दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें
दूध और केसर से शिवलिंग पर अभिषेक करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है। यह उपाय धन वृद्धि और व्यवसायिक सफलता के लिए उत्तम माना गया है।
शिव मंदिर में सफाई करें और सेवा करें
इस दिन किसी नजदीकी शिव मंदिर में जाकर झाड़ू लगाना, दीपक लगाना, जल चढ़ाना और साफ-सफाई करना अत्यंत पुण्यकारी होता है। शास्त्रों में वर्णन है कि मंदिर की सेवा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और जीवन में शुभता बढ़ती है।
घर के उत्तर-पूर्व दिशा में शिव परिवार की तस्वीर लगाएं
ईशान कोण को वास्तु में सर्वोत्तम दिशा कहा गया है। इस दिशा में शिव, माता पार्वती, गणेश और कार्तिकेय की संयुक्त तस्वीर लगाने से घर में प्रेम, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
शिव मंदिर में 11 बेलपत्र चढ़ाएं जिन पर ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखा हो
बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस दिन 11 बेलपत्रों पर चंदन या काजल से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाने से शिवजी प्रसन्न होकर भक्त को मनचाहा वरदान देते हैं।
गाय और नंदी (बैल) को हरा चारा और गुड़ खिलाएं
गौसेवा और नंदी सेवा दोनों का श्रावण मास में विशेष महत्व है। गाय को चारा और गुड़ खिलाने से अन्न-धन में वृद्धि होती है, जबकि भगवान शिव के वाहन नंदी को हरा चारा खिलाने से शिवजी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह उपाय पितृदोष शांति और पारिवारिक समृद्धि के लिए प्रभावी माना गया है।
शिव जी को सफेद चंदन लगाएं और सफेद फूल अर्पित करें
सफेद रंग शांति और सात्विकता का प्रतीक है। इस दिन शिवलिंग पर सफेद चंदन और धतूरे या कनेर के सफेद फूल अर्पित करने से मानसिक तनाव दूर होता है और दांपत्य जीवन में सौहार्द बना रहता है।
शिवलिंग के समीप दीपक जलाकर ‘मृत्युंजय मंत्र’ का जाप करें
संध्या के समय शिवलिंग के समीप शुद्ध घी का दीपक जलाकर महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। यह उपाय रोगों से मुक्ति, भय से रक्षा और दीर्घायु प्राप्ति के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।