सावन का महीना चल रहा है। यह पूरा महीना भगवान भोलेनाथ को समर्पित होता है। इस मास में सोमवार का दिन शिव का जलाभिषेक के लिए बड़ा ही शुभ माना गया है। लेकिन सोमवार के अलावा शुक्रवार 25 तारीख का दिन भी बड़ा ही शुभ है। इसका कारण यह है कि इस दिन मास शिवरात्रि है।
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शास्त्रों के अनुसार हर मास की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि शिवरात्रि कहलाती है। लेकिन सावन मास की शिवरात्रि का बड़ा महत्व है। इसदिन गंगाजल से शिव जी का जलाभिषेक बहुत ही पुण्यदायी माना गया है। यही कारण है सबसे अधिक इसी दिन कांवड़िए शिव जी का जलाभिषेक करते हैं।
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लंबे समय से बीमार व्यक्तियों को इस दिन महामृत्युंजय मंत्र का जप कराना चाहिए। इसके अलावा सावन मासशिवरात्रि का दिन राहु केतु की शांति के लिए भी उत्तम माना गया है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन शिव पुराण और रुद्राष्टाध्यायी का पाठ मंगलकारी माना गया है।