Maa Shailputri Mantra: आज से मां आदिशक्ति की उपासना के पावन पर्व नवरात्रि की शुरुआत हो रही शुरू है। आज यानी 26 सितंबर से शारदीय नवरात्रि शुरू होकर 04 अक्टूबर को नवमी तिथि तक मनाई जाएगी। नवरात्रि के नौ दिनों मां अंबे के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा का विधान है। मां शैलपुत्री हिमालयराज की पुत्री हैं। मान्यता है कि मां शैलपुत्री की पूजा करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। शास्त्रों के अनुसार मां शैलपुत्री चंद्रमा को दर्शाती हैं। कहा जाता है कि उनकी उपासना से चंद्रमा के बुरे प्रभाव निष्क्रिय हो जाते हैं। पूजा के साथ ही मां शैलपुत्री के मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति को सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है और जीवन में खुशियां आती हैं। ये रहे मां शैलपुत्री के मंत्र
मां शैलपुत्री के प्रभावशाली मंत्र
1- ऊँ देवी शैलपुत्र्यै नमः॥
2- वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥
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3- या देवी सर्वभूतेषु माँ शैलपुत्री रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥
मां शैलपुत्री का मंत्र जपने से होते हैं लाभ
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, मां शैलपुत्री के मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है। साथ ही इनकी पूजा और मंत्र जाप से चंद्रमा संबंधित दोष भी दूर हो जाते हैं। पूरी श्रद्धा भाव से मां शैलपुत्री की पूजा करने से मां भक्तों को सुख और सौभाग्य का वरदान देती हैं।
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मां शैलपुत्री को लगाएं ये भोग
मां को शैल के समान यानी सफेद वस्तुएं प्रिय हैं। ऐसे में मां को सफेद वस्त्रों के साथ भोग में भी सफेद मिष्ठान और घी अर्पित किए जाते हैं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि मां शैलपुत्री की पूजा करने से कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है।