12 स्थानों पर लगाया जाता है तिलक
ज्यादातर लोग केवल माथे पर ही तिलक लगाते हैं लेकिन हिन्दू परंपरा में सिर, मस्तक, गले, हृदय, दोनों बाजू, नाभि, पीठ, दोनों बगल आदि मिलाकर शरीर के कुल 12 स्थानों पर तिलक लगाने का विधान बताया गया है।
- तिलक हमेशा ईश्वर के नाम से लगाया जाता है इसलिए तिलक लगाने से पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए।
- तिलक हमेशा उत्तर दिशा की ओर मुख करके लगाना चाहिए।
- प्रातः और संध्या हवन करने वालों को तिलक लगाकर ही हवन करना चाहिए। बिना तिलक के फल प्राप्त नहीं होता है।
- श्वेत चंदन, लाल चंदन, कुमकुम, हल्दी, भस्म, आदि का तिलक करना शुभ है।
- भस्म से त्रिपुंड नहीं लगाना चाहिए।