अगर किसी का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है तो घर में तिल के तेल का दीपक अग्नि कोण की ओर प्रज्जवलित करना चाहिए।
आज के समय में अपने आपको प्रत्येक रूप में सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। कोरोना काल में अपने आपको शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप में सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। आज के वातावरण में जो नकारात्मक ऊर्जा है सबको किसी ना किसी रूप में प्रभावित कर रही है और इस नकारात्मक ऊर्जा से देश, समाज, घर और परिवार सब कोई प्रभावित हो रहा है, लेकिन वेदों में प्रत्येक नकारात्मकता को सकारात्मक करने का उपाय हमारे ऋषि मुनियों और संतो ने दिया है। इन्ही दिए हुए उपायों में दीप प्रज्वलन की प्रमुखता सदैव रही है। मंदिर देवस्थान हो या घर दीप प्रज्जवलित किया जाता है जिसकी वजह से एक सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होता है और हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। दीप प्रजावल्लन का अपना नियम होता है।
- जो लोग अत्यधिक तनाव में हो उन लोगों को अपने घर में या अपने कार्यालय में घी का दीपक प्रज्जवलित करना चाहिए और दीपक का मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। इससे आपको किसी भी अज्ञात भय से मुक्ति मिलेगी और एक सुखद वातावरण बना रहेगा।
- अगर किसी का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है तो घर में तिल के तेल का दीपक अग्नि कोण की ओर प्रज्जवलित करना चाहिए।
- जो लोग किसी अनजान भय से पीड़ित रहते हो या उनके मन में हमेशा किसा तरह का भय बना हुआ रहता है, तो ऐसे लोगों को घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए।
- जिनके घरों में कोई किसी बीमारी से ग्रसित है और ठीक नहीं हो रहा है तो ऐसी स्थिति में तिल के तेल का दीपक मिट्टी के दिए में पश्चिम दिशा की तरफ प्रज्जवलित करना चाहिए। जिससे स्वास्थ्य वृद्धि में लाभ प्राप्त होता है।
- दीपक के सामने बैठकर कोई भी मंत्र जाप, ईश्वर से प्रार्थना या ध्यान करने से अत्यधिक लाभ प्राप्त होता है क्योंकि दीपक का प्रकाश हमारी शक्तियों को ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जोड़ता है इसलिए दीपक का अत्यधिक महत्व माना गया है।
- दिया प्रज्जवलित करने का विधि 3 दिन या 9 दिन का होता है, जहां भी दीपक रखें उसके नीचे कुछ चावल ( अक्षत ) का दाना रखे। जब भी दीपक प्रज्जवलित करें उस समय एक मानसिक संकल्प लेकर करें और अपने इष्ट को प्रणाम करें। घर का प्रत्येक सदस्य अपना दिया प्रज्जवलित करें इससे बहुत लाभ मिलता है।