भगवान विष्णु ने समय-समय पर अवतार लेकर दुनिया से पाप और पापियों का अंत किया है। इस बात को कृष्णावतार में स्वयं श्री कृष्ण ने कहा है। पाप का अंत करने के लिए ही भगवान को राम रूप में अवतार लेना पड़ा था।
रामावतार भगवान विष्णु का सातवां अवतार माना जाता है। यह अवतार भगवान विष्णु को रावण का वध करके संसार में धर्म की स्थापना करने के लिए हुआ था।
भगवान विष्णु को यह अवतार रावण की एक गलती के कारण लेना पड़ा था। रामावतार लेकर भगवान ने रावण को उस गलती का दंड दिया था।