Pradosh Vrat Aarti: आज यानी 21 नवंबर 2022 को प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। आज सोमवार है इसलिए इसे सोम प्रदोष कहा जाएगा। आज सोम प्रदोष व्रत पर आयुष्मान योग और सौभाग्य योग बन रहा है, जिसकी वजह से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। पंचांग के अनुसार आज त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 21 नवंबर को सुबह 10 बजकर 07 मिनट से हो रही है। ये तिथि 22 नवंबर, मंगलवार की सुबह 08 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगी। वहीं आज सोम प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त 21 नवंबर की शाम 05 बजकर 25 मिनट से रात 08 बजकर 06 मिनट तक है। शुभ मुहूर्त में पूजा करने से भगवान भोलेनाथ के साथ माता पार्वती का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके अलावा सोम प्रदोष की पूजा के दौरान शिव जी की आरती करने से हर मनोकामना पूरी होती है। शिव जी की आरती इस प्रकार है...
शिव जी की आरती
जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा
ॐ जय शिव..
एकानन चतुरानन पंचानन राजे
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे
ॐ जय शिव..
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे
ॐ जय शिव..
अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी
ॐ जय शिव..
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे
ॐ जय शिव..
कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता
ॐ जय शिव..
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका
ॐ जय शिव..
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी
ॐ जय शिव..
त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे
ॐ जय शिव..