पीएम मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद आज केरल के दौरे पर है। जहां पर उन्होंने केरल के त्रिशूर जिले के गुरुवयूर स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना की। गुरुवयूर मंदिर लगभग 5000 साल पुराना मंदिर है। आइए जानते हैं गुरुवयूर मंदिर का महत्व और खास बातें....
- गुरुवयूर मंदिर के देवता भगवान गुरुवायुरप्पन हैं जो कृष्ण भगवान का बालरूप के रूप में इनकी पूजा की जाती हैं।
- गुरुवयूर मंदिर को भूलोका वैकुंठम के नाम से भी जाना जाता है, जिसका मतलब होता है पृथ्वी पर भगवान विष्णु का वास।
- गुरुवयूर मंदिर को दक्षिण का द्वारका कहा जाता है। यहां पर कृष्ण भगवान के बालरूप के दर्शन होते हैं।
- केरल के इस मंदिर में गैर-हिन्दुओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती है।
- पौराणिक कथा के अनुसार इस मंदिर यह मंदिर गुरु बृहस्पति और वायु देवता से सम्बंधित है।
- बृहस्पति देव को भगवान कृष्ण की एक तैरती प्रतिमा मिली। बृहस्पति देव ने वायु देवता के साथ मिलकर कलयुग में मानवों की सहायता के लिए इस मंदिर में भगवान की स्थापना की थी।
- ऐसी मान्यता है इस मंदिर में भगवान कृष्ण की द्वापर युग में श्री कृष्ण द्वारा प्रयोग की गयी थी।
- आजादी से पूर्व अन्य मंदिरों की तरह इस मंदिर में भी हरिजनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध था। बाद में गांधी जी के आंदोलन से इस मंदिर में हरिजनों को प्रवेश की करने और पूजा करने की अनुमति मिली।
- गुरुवयूर मंदिर में पारंपरिक वेशभूषा में ही प्रवेश किया जा सकता है।