आज भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि है। ऐसे में पितरों की पूजा और तर्पण के लिए 15 दिनों तक चलने वाले श्राद्ध पक्ष शुरू हो गए हैं। इस वर्ष पितृ पक्ष 26 सितंबर से लेकर 10 अक्तूबर तक रहेगा। भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि पर श्राद्ध उन पितरों का दिया जाता है जिनकी मृत्यु पूर्णिमा तिथि को हुई होती है।, फिर अगले दिन से यानी आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से औपचारिक रूप से पितृ पक्ष की शुरुआत हो जाती है। पितृ पक्ष आश्विन मास की अमावस्या को समाप्त होता है। 10 अक्तूबर को अश्विन माह की सर्वपितृ अमावस्या है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष के 15 दिन पूरी तरह से पितरों को समर्पित होते हैं। इन दिनों पितरों की शांति के लिए तर्पण, पूजा और दूसरे अनुष्ठान आदि किए जाते हैं,मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है जिससे घर में सुख-शांति बनी रहती है। पितरों को प्रसन्न करने के लिए श्राद्ध पक्ष के कुछ नियम होते हैं जिससे पितृगण प्रसन्न होते हैं और अपने परिजनों को आशीर्वाद देते हैं। आइए जानते हैं श्राद्ध के नियम।
पितृ पक्ष में पहले इन्हें भोजन कराएं
श्राद्ध कर्म के दिन पंचबलि गाय, कुत्ते, कौए, देवतादि और चींटी के लिए भोजन सामग्री पत्ते पर निकालें।
गोबलि- गाय के लिए पत्तेपर 'गोभ्ये नमः' मंत्र पढकर भोजन सामग्री निकालें।
श्वानबलि- कुत्ते के लिए भी 'द्वौ श्वानौ' नमः मंत्र पढकर भोजन सामग्री पत्ते पर निकालें ।
काकबलि- कौए के लिए 'वायसेभ्यो' नमः' मंत्र पढकर पत्ते पर भोजन सामग्री निकालें ।
देवादिबलि- देवताओं के लिए 'देवादिभ्यो नमः' मंत्र पढकर और चींटियों के लिए 'पिपीलिकादिभ्यो नमः' मंत्र पढकर चींटियों के लिए भोजन सामग्री पत्तेपर निकालें।
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दिनांक |
वार |
तिथि |
श्राद्ध |
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26 सितंबर |
शनिवार |
भाद्रपद पूर्णिमा |
पूर्णिमा श्राद्ध |
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27 सितंबर |
रविवार |
प्रतिपदा |
प्रतिपदा श्राद्ध |
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28 सितंबर |
सोमवार |
द्वितीया |
द्वितीया श्राद्ध |
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29 सितंबर |
मंगलवार |
तृतीया |
तृतीया श्राद्ध |
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30 सितंबर |
बुधवार |
चतुर्थी |
चतुर्थी और पंचमी श्राद्ध |
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1 अक्तूबर |
गुरुवार |
षष्ठी |
षष्ठी श्राद्ध |
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2 अक्तूबर |
शुक्रवार |
सप्तमी |
सप्तमी श्राद्ध |
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3 अक्तूबर |
शनिवार |
अष्टमी |
अष्टमी श्राद्ध |
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4 अक्तूबर |
रविवार |
नवमी |
नवमी श्राद्ध |
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5 अक्तूबर |
सोमवार |
दशमी |
दशमी श्राद्ध |
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6 अक्तूबर |
मंगलवार |
एकादशी |
एकादशी श्राद्ध |
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7 अक्तूबर |
बुधवार |
द्वादशी |
द्वादशी श्राद्ध |
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8 अक्तूबर |
गुरुवार |
त्रयोदशी |
त्रयोदशी श्राद्ध |
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9 अक्तूबर |
शुक्रवार |
चतुर्दशी |
चतुर्दशी श्राद्ध |
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10 अक्तूबर |
शनिवार |
अमावस्या |
सर्वपितृ श्राद्ध |