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Pitru Paksha 2025: अगर आप पर पितृदोष है, तो पितृ पक्ष में करें ये उपाय

Sat, 13 Sep 2025 10:03 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Pitru Dosh Upay: पितृदोष तब होता है, जब पूर्वजों की आत्मा असंतुष्ट या अशांत होती है। यह दोष पितरों के अधूरे कर्म, अपूर्ण श्राद्ध या किसी पूर्व जन्म के पाप के कारण होता है।
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पितृ दोष दूर करने के उपाय - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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पं. धनंजय मिश्र

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Pitru Dosh Door Karne Ke Upay:
यदि किसी जातक की जन्म कुंडली में पितृदोष हो तो जीवन में विघ्न-बाधाएं आती ही रहती हैं। दरअसल, पितृदोष पूर्वजन्म में किए गए पाप कर्मों का फल अथवा पितरों के पाप के दंड को भोगता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में सूर्य, गुरु, चंद्रमा, मंगल, शुक्र, बुध, शनि आदि की युति जब राहु के साथ बनती है अथवा राहु के साथ अन्य ग्रहों की युति बनती है तो पितृदोष होता है। इसी प्रकार जब हाथ में बृहस्पति पर्वत और मस्तिष्क रेखा के बीच से निकलकर आ रही रेखा बृहस्पति और मस्तिष्क रेखा को काटती है तो हस्तरेखा शास्त्रानुसार यह पितृदोष का सूचक है। ज्योतिष शास्त्र में इसे मंगल का कारक भी माना गया है, क्योंकि मंगल ज्योतिष शास्त्रानुसार रक्त संबंध को जोड़ता है। यही कारण है कि विद्वान पितृदोष की तुलना मंगलदोष से करते हैं। कुछ उपायों से पितृदोष के असर को कम किया जा सकता है।
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कैसे करें निवारण

  • पितृ पक्ष में प्रतिदिन भोजन करने से पहले अपने आहार में से कुछ हिस्सा गाय, कुत्ते और कौवे या अन्य पक्षी को जरूर दें।
  • पितृ पक्ष के पहले दिन एक पीपल का पेड़ किसी सुरक्षित स्थान अथवा मंदिर में लगाएं। पीपल का पेड़ लगाने से पहले संकल्प लें- ‘मैं यह पौधा अपने पूर्वओं के लिए एवं जाने-अनजाने में मेरे तथा परिवार के किसी अन्य सदस्यों से हुई गलतियों की माफी मांगते हुए लगा रहा हूं। इसके माध्यम से मैं अपने पापों का प्रायश्चित करना चाहता हूं और पूरे वर्ष इस पेड़ की सेवा करूंगा तथा प्रत्येक महीने की अमावस्या को भोजन दान करूंगा।’
  • पितृ पक्ष के सोलह दिनों तक घर में प्रतिदिन श्रीमद्भागवद्गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करें अथवा इस दौरान रोजाना सूर्यास्त के समय पीपल पेड़ के नीचे दक्षिण मुख कर चार बत्ती वाला दीपक, सरसों के तेल में लोबान मिलाकर जलाएं तथा प्रार्थना करें कि पितृ मुझे और मेरे परिवार को पितृदोष से मुक्त करें।
  • श्राद्ध के दौरान किसी बालक या जरूरतमंद को भोजन कराएं अथवा भोजन दान भी कर सकते हैं। भोजन देने से पहले संकल्प करें कि मैं यह भोजन अपने पितरों को समर्पित करता हूं। आपका आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त हो।
  • पितृ पक्ष में नागबलि, नारायण बलि, त्रिपिंडी श्राद्ध आदि का पाठ नित्य करने से भी पितृदोष का प्रभाव कम होता है। इन दिनों पूर्वजों का ध्यान कर दो मूली दान करने या गाय को खिलाने से भी पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
  • पितृ पक्ष में रोजाना स्नान करने के बाद एक माला महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इससे भी पितृदोष दूर होता है। इसके अलावा आप प्रत्येक महीने की नाग पंचमी का व्रत भी एक साल तक के लिए कर सकते हैं।

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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