साल में 24 एकादशी होती हैं, जिसका काफी महत्व है। एकादशी को भगवान विष्णु की पूजा होती है। अगर आप साल की इन चौबीस एकादशी को नहीं कर पाते है तो निर्जला एकादशी का एक व्रत करके ही आपको उन चौबीस एकादशी का पुण्य कमा सकते हैं। निर्जला एकादशी ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष में पड़ती है और इस बार ये एकादशी सोमवार यानि पांच जून को है। वैसे एकादशी तिथि चार जून को 8ः03 से शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन पांच जून को सुबह 9ः42 तक रहेगी।
निर्जला एकादशी गंगा दशहरा के एक दिन बाद आती हैं, लेकिन कभी-कभी गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी दोनों एक साथ पड़ती हैं। इस निर्जला एकादशी को पांडव एकादशी या भीमसेन एकादशी के नाम से जाना जाता हैं ।