मां दुर्गा अपनी एक हुंकार से सभी दानवों का विनाश कर सकती हैं। फिर भी मां सदैव ही शस्त्र-अस्त्र धारण करें रहती है। आज हम आपको संक्षेप बताएंगे कि मां हमेशा शस्त्र धारण करें हुए क्यों रहती हैं।
देवी दुर्गा के इस रूप के पीछे यह संदेश छिपा है कि कर्म का अपना स्थान होता है। केवल संकल्प मात्र से कार्य सफल नहीं होता है। देवी मां के इतने हाथों का तात्पर्य यह है कि भगवान भी कर्म करते हैं। केवल एक हाथ से नहीं, हजारों हाथों से और हजारों तरीकों से।
मां के पास दैत्यों का सर्वनाश करने के बहुत से तरीकें है। वे फूल से भी अधर्मि का विनाश कर सकती है, इसलिए देवी मां अपने हाथों में फूल लिए हुए है। ताकि फूल से ही कार्य हो जाएं। शंख का उपयोग मां ज्ञान प्रसारण के लिए करती है। मां के पास एक से अधिक उपाय है। अगर असुर शक्तिशाली हो तो मां सुदर्शन चक्र का उपयोग करती है। यह इस बात का प्रतीक है कि इस संसार में परिवर्तन के लिए एक ही युक्ति से काम नहीं होता है।
हर समस्या के एक से अधिक समाधान हो सकते है, इसलिए देवी मां इतने सारे अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित हैं। धार्मिक कथाओं के अनुसार मां इतनी दयावान है कि दानवों को भी अपने शस्त्रों के माध्यम से शुद्ध कर देना चाहती है, उन्हें मुक्त करना चाहती है। इसलिए भी मां इतने शस्त्र और अस्त्र धारण किए हुए हैं।