आज चैत्र नवरात्र का चौथा दिन है। चतुर्थी के दिन मां दुर्गा के चौथे रूप कूष्माण्डा की पूजा का विधान है। यदि आपकी शादी हो गई है और अभी तक आपको संतान सुख प्राप्त नहीं हुआ है तो आज के दिन इस मंत्र से मां कूष्माण्डा की पूजा-आराधना करें।
संतान सुख की चाहत रखने वाले दंपत्ति स्नान करके, मां दुर्गा के सामने पूर्वाभिमुख (पूर्व दिशा की ओर मुंह) करके बैठें और नीचे लिखे मंत्र के साथ विधिवत पूजा करें। इस मंत्र के साथ मां की आराधना से आपके आंगन में किलकारियां गूंजेंगी।
ता सुरैः पूर्वमभीष्टसंश्रयात्तथा सुरेन्द्रेण दिनेषु सेविता।
करोतु सा नः शुभहेतुरीश्वरी शुभानि भद्राण्यभिहन्तु चापदः।।