हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार हर वार किसी न किसी देवी या देवता को समर्पित होता है। ज्योतिष में वार का संबंध ग्रहों से भी होता है ऐसे माना जाता है कि ग्रहों के कारकत्व का असर हर दिन होता है। सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा-उपासना के लिए बहुत ही श्रेष्ठ और मंगलकारी होता है। इस दिन शिवजी की उपासना के लिए विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है। सोमवार के दिन मंदिर में भगवान शिव की उपासना और दर्शन करने से विशेष कृपा मिलती है। साथ ही इस दिन जलाभिषेक, मंत्रों का जाप और व्रत रखते हुए शिवजी वंदना करने का विशेष महत्व होता है। आइए जानते हैं सोमवार व्रत का महत्व और पूजा-विधि।
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सोमवार व्रत का महत्व
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। साथ ही इस दिन मन के कारक ग्रह चंद्रमा भी होता है। इस दिन भगवान शिव की उपासना और सोमवार व्रत रखने का विशेष महत्व होता है। सोमवार व्रत केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक शांति के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी और सोमवार के दिन विशेष व्रत का पालन किया था। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसी कारण यह व्रत विशेष रूप से विवाह योग्य कन्याओं के लिए शुभ माना जाता है।