सावन का पहला मंगलवार 15 जुलाई को है। यह मंगलवार उन लोगों के लिए बड़ा ही खास है जो विवाह के इच्छुक हैं लेकिन किसी कारण से उनके विवाह में बाधा आ रही है। इसका कारण यह है कि इस दिन दो बहुत ही सुंदर संयोग बने हुए हैं।
कुंवारी कन्याओं और कुंवारे लड़कों के लिए खास
शास्त्रों के अनुसार जिस तरह सावन का हर सोमवार भगवान शिव को समर्पित है उसी प्रकार सावन का हर मंगलवार देवी गौरी को समर्पित है। इसलिए सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत के रूप में मनाया जाता है।
नवविवाहित महिलाएं इस व्रत को अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं। जबकि यह कुंवारी कन्याओं और कुंवारे लड़कों के लिए भी विवाह में आने वाली बाधाओं को दूर करने वाला व्रत है।
इस वर्ष संयोग से सावन के पहले मंगलवार के दिन एक अन्य संयोग बन गया है।
गणेश जी भी बना रहे हैं मंगलवार को खास
सावन के पहले मंगलवार के दिन चतुर्थी तिथि है जो गणेश जी को समर्पित है और अंगारकी चतुर्थी कहलाती है। ऐसे में मंगलवार की पूजा और व्रत से एक साथ विघ्नहर्ता गणेश जी और योग्य जीवनसाथी प्रदान करने वाली देवी गौरी के व्रत का पुण्य प्राप्त होगा।