फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maha Shivratri 2025: शिवलिंग पूजा के बाद जलहरी के जल को घर में छिड़कने के पांच दिव्य लाभ

Mon, 17 Feb 2025 11:36 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Maha Shivratri 2025: शिवलिंग पर चढ़ा जल दिव्य ऊर्जा से भरपूर होता है। जिन भवनों में वास्तुदोष हो वहां सुख-शांति के लिए शिवलिंग पर अभिषेक करने के उपरान्त जलहरी के जल को घर लाकर उससे 'ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय ' ये मंत्र जपते हुए पूरे भवन में छिड़काव करना चाहिए
विज्ञापन
Mahashivratri 2025 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Maha Shivratri 2025: शिवलिंग की पूजा हिंदू धर्म में विशेष रूप से पवित्र मानी जाती है। पूजा के दौरान भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्रियों से अभिषेक किया जाता है। अभिषेक के बाद जलहरी से निकलते हुए जल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस जल को घर में छिड़कने से न केवल आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होते हैं, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि भी आती है।
विज्ञापन


नकारात्मक ऊर्जा का नाश और शुद्ध वातावरण
शास्त्रों में कहा गया है कि शिवलिंग पर चढ़ा जल दिव्य ऊर्जा से भरपूर होता है। जिन भवनों में वास्तुदोष हो वहां सुख-शांति के लिए शिवलिंग पर अभिषेक करने के उपरान्त जलहरी के जल को घर लाकर उससे 'ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय ' ये मंत्र जपते हुए पूरे भवन में छिड़काव करना चाहिए। ऐसा करने से वहां उपस्थित सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं एवं घर का वातावरण शुद्ध एवं सकारात्मक बनता है, जिससे गृहस्थ जीवन में शांति बनी रहती है।

स्वास्थ्य लाभ और रोगों से मुक्ति
शिवलिंग पर अभिषेक का जल विशेष रूप से रोगहर माना जाता है। गरुड़ पुराण के अनुसार, इस जल में शिव की कृपा समाहित होती है, जो व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक रोगों को दूर करती है। जब इस जल को घर में छिड़का जाता है, तो वहां निवास करने वाले लोगों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है और किसी भी प्रकार की महामारी या रोग प्रवेश नहीं कर पाते।
विज्ञापन


वास्तु दोष और ग्रह दोष का निवारण
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कई बार घर में वास्तु दोष के कारण क्लेश और अशांति बनी रहती है। ऐसे में शिवलिंग पर चढ़े जल को घर में छिड़कने से वास्तु दोष कम होता है और वहां के दोषयुक्त स्थानों पर सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। साथ ही, यह जल राहु, केतु और शनि के अशुभ प्रभाव को भी कम करता है, जिससे परिवार के सदस्यों पर ग्रह दोषों का असर नहीं पड़ता।

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को क्या चढ़ाना चाहिए और क्या नहीं? जानें यहां

आर्थिक समृद्धि और धन आगमन
धन और समृद्धि से जुड़े ग्रंथों में यह वर्णित है कि शिवलिंग पर चढ़ा जल लक्ष्मी प्राप्ति का साधन बन सकता है। मान्यता के अनुसार, यदि इस जल को नियमित रूप से घर के मुख्य द्वार, पूजा स्थान और तिजोरी के पास छिड़का जाए, तो घर में धन की वृद्धि होती है और दरिद्रता समाप्त होती है। भगवान शिव की कृपा से गृहस्थ जीवन में स्थायित्व और आर्थिक उन्नति प्राप्त होती है।

Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर भोलेनाथ को चढ़ाना चाहते हैं बेलपत्र, जानें सही नियम

मन की शांति और आध्यात्मिक उन्नति
शिव पुराण में कहा गया है कि शिवलिंग पर चढ़े जल में विशेष आध्यात्मिक शक्ति होती है। जब इस जल को घर में छिड़का जाता है, तो वहां के निवासियों का मन शांत रहता है और ध्यान तथा साधना में वृद्धि होती है। इससे परिवार में आपसी प्रेम और स्नेह बढ़ता है तथा मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें