Mahashivratri 2022: भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती के विवाह के उत्सव को महाशिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है।
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Mahashivratri 2022 : देवों के देव महादेव श्रीशिवशंभू कल्याणकारी हैं। शिवरात्रि पर उनकी पूजा-अभिषेक समस्त मनोरथों को पूर्ण करने वाली है। समस्त संसार लिंगमय है,सब कुछ लिंग में प्रतिष्ठित है,अतः जो आत्मसिद्धि चाहता है उसे लिंग की विधिवत पूजा करनी चाहिए। सभी देवता,दैत्य,सिद्धगण,पितर,मुनि,किन्नर आदि लिंगमूर्ति का अर्चन करके सिद्धि को प्राप्त हुए हैं।
शिवलिंग का पूजन-अभिषेक करने से सभी देवी-देवताओं के अभिषेक का फल उसी क्षण प्राप्त हो जाता है। शास्त्र कहते हैं कि भगवान शंकर ही इस सम्पूर्ण जगत के आधार हैं तथा जो विष्णु हैं,उन्हें शिव जानना चाहिए और जो शिव हैं,वे ही विष्णु हैं। शिवलिंग में पीठिका या आधार भगवान विष्णु का रूप है और उसके ऊपर स्थापित लिंग महेश्वर का स्वरुप है। अतः शिवलिंग का पूजन सभी के लिए श्रेष्ठ और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाला है। मनुष्य सकाम हो या निष्काम सबको भगवान सदाशिव की आराधना करनी चाहिए। अन्य देवी-देवता भी शिव के निराकार रूप यानि अलग-अलग प्रकार के शिवलिंग की पूजा करते हैं।
कौन से देव किस लिंग की करते हैं पूजा
ब्रह्माजी निरंतर मणिमय शिवलिंग का पूजन करते हैं। इंद्र रत्नमय,चन्द्रमा मुक्तामय तथा सूर्य ताम्रमय लिंग की सदा पूजा करते हैं। कुबेर चांदी के शिवलिंग की,वरुण लाल रंग के शिवलिंग की,यमराज नीले,नैऋत्य कोण के अधिपति रजत वर्ण तथा वायुदेव केसरिया रंग के शिवलिंग की निरंतर आराधना करते हैं। इस प्रकार इंद्र आदि समस्त लोकपाल शिवलिंगोपासक हैं। कलयुग में भी जो प्राणी उस वेदी के साथ लिंग की पूजा करता है वह शिव-पार्वती की कृपा सहजता से प्राप्त कर लेता है। इसी प्रकार तरह-तरह के सभी शिवलिंगों की पूजा सुख-सौभाग्य एवं सिद्धि प्रदान करने वाली होती है।
शिवलिंग के फल
शिवमहापुराण के अनुसार पार्थिव शिवलिंग की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं,कष्टों का निवारण होता है तथा सुख समृद्धि और उत्तम संतान की प्राप्ति होती है। मिट्टी से बना हुआ(पार्थिव)शुभ लिंग सभी सिद्धियों की प्राप्ति कराने वाला है,हर क्षेत्र में विजय प्राप्त होती है। लिंगपुराण के अनुसार रत्न से बने हुए लिंग की पूजा करने से मनुष्य को लक्ष्मी की प्राप्ति होती है। पाषाण के लिंग की पूजा से मनुष्य को सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं एवं मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। धातु निर्मित लिंग की पूजा करने से धन की प्राप्ति होती है। इसी प्रकार काष्ठ निर्मित लिंग भोग-सिद्धि प्रदान करने वाला है।