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नवरात्रि आरती: स्कन्द माता की इस आरती से मिलता है व्रत का फल

Thu, 03 Oct 2019 06:17 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला
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स्कंदमाता - फोटो : SELF
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पंचम नवरात्रि के पांचवें दिन स्कन्द माता का पूजन किया जाता है। देवी दुर्गा का यह पांचवा स्वरूप है। यहां पर यह जान लेना भी उचित है कि भगवान शिव और मां पार्वती के पुत्र का नाम है स्कन्द, जिन्हें कार्तिकेय के नाम से भी जाना जाता है। भगवान स्कन्द को मां पार्वती ने स्वयं प्रशिक्षित किया था। उनके इसी रूप को स्कंदमाता कहते हैं।
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प्रचीन काल में एक तारकासुर नामक राक्षस था। जिसकी मृत्यु केवल शिव पुत्र से ही संभव थी। तब मां पार्वती ने अपने पुत्र भगवान स्कन्द (कार्तिकेय का दूसरा नाम) को युद्ध के लिए प्रशिक्षित करने हेतु स्कन्द माता का रूप लिया और उन्होंने भगवान स्कन्द को युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया था। स्कंदमाता से युद्ध प्रशिक्षिण लेने के पश्चात् भगवान स्कन्द ने तारकासुर का वध किया।
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नवरात्रि के चौथे दिन मां की यह आरती अत्यंत लाभदायक सिद्ध होती है।

जय तेरी हो अस्कंध माता 
पांचवा नाम तुम्हारा आता 
सब के मन की जानन हारी 
जग जननी सब की महतारी 
तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं 
हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं 
कई नामों से तुझे पुकारा 
मुझे एक है तेरा सहारा 
कही पहाड़ो पर हैं डेरा 
कई शहरों में तेरा बसेरा 
हर मंदिर में तेरे नजारे 
गुण गाये तेरे भगत प्यारे 
भगति अपनी मुझे दिला दो 
शक्ति मेरी बिगड़ी बना दो 
इंद्र आदी देवता मिल सारे 
करे पुकार तुम्हारे द्वारे 
दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आएं 
तुम ही खंडा हाथ उठाएं 
दासो को सदा बचाने आई 
'चमन' की आस पुजाने आई
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