नवरात्र के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे रूप देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा होती हैं। ब्रह्मचारिणी यानी तपस्या का आचरण करने वाली। इनकी कृपा से भक्त हर क्षेत्र में सफल होते हैं।
माना जाता है कि देवी ब्रह्मचारिणी के भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए कई हजारों वर्ष कठोर तपस्या की थी।