अंग्रेजी प्रेम दिवस यानी वैलेंटाईन्स
डे हर वर्ष 14 फरवरी को मनाया जाता है। लेकिन भारतीय प्रेम दिवस पंचांग पर निर्भर
होने की वजह से हर वर्ष अलग-अलग तिथि पर मनाया जाता है। संयोग की बात है कि इस वर्ष
भारतीय प्रेम दिवस यानी बसंत पंचमी वेलेंटाइन्स डे के दिन ही पड़ रहा है। बसंत
पंचमी के साथ 14 फरवरी को सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग नामक शुभ योग बन रहा है।
इन योगों में जिस काम की शुरूआत होती है वह कार्य सफलता पूर्वक पूरा होता
है। इन योगों में की गयी साझेदारी और दोस्ती लंबे समय तक कायम रहती है। पचांग के
अनुसार बसंत पंचमी 14 तारीख और 15 तारीख को है। इसलिए अगर अपने प्यार का इजहार 14
फरवरी को नहीं कर पाएं तो 15 तरीख को भी कर सकते हैं।
शास्त्रों के अनुसार
कामदेव और उनकी पत्नी रति प्रेम के देवता और देवी हैं। सृष्टि में पहली बार इन
दोनों ने प्रेम का संचार बसंत पंचमी के दिन किया था। इसलिए बसंत पंचमी के दिन इनकी
पूजा की जाती है। एक अन्य मान्यता है कि कामदेव और रति इस दिन पृथ्वी पर आते हैं
इनके साथ इनका मित्र बसंत भी आता है। इससे प्रकृति में प्रेम का संचार होने लगता
है। इसलिए बसंत पंचमी को भारतीय प्रेम पर्व कहा गया है।
पाश्चात्य प्रेम
दिवस यानी वेलेंटाईन्स की शुरूआत तीसरी शताब्दी में हुई थी जबकि भारतीय प्रेम पर्व
बसंत पंचमी इससे कई हजार वर्ष पहले से मनायी जाती आ रही है। प्राचीन काल में इस दिन
पत्नी अपने पति की पूजा कामदेव के रूप में किया करती थी। उन दिनों में भी
प्रेमी-प्रेमिकाएं इस दिन उत्सव मनाते थे। प्रेम उत्सव का अंत होली के रंगों में
रसिया को रंगने के बाद होता था।