भगवान जगन्नाथ देव स्नान पूर्णिमा के दिन बीमार हो जाएंगे। उनका इलाज जड़ी बूटियों से होगा। इस दौरान वे भक्तों को दर्शन भी नहीं देंगे। मंदिर के पुजारी उनका इलाज करेंगे।
रात को भोग के बाद दर्शन बंद हो जाएगा। घंटा घड़ियाल, शंख बजना बंद हो जाएगा। देव स्नान पूर्णिमा 13 जून शुक्रवार को है। भगवान का इलाज 26 जून तक पीपल, शहद, जावित्री केसर आदि से होगा। 27 को भगवान का नेत्र उत्सव होगा।
मंदिर का संचालन करनेवाली कमेटी उत्कल सांस्कृतिक संघ के प्रचार सचिव एसके नंदा ने बताया कि भगवान के बीमार होने पर मंदिर में आरती भी नहीं होगी। 29 जून को रथयात्रा निकाली जाएगी। मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मी धर दास ने बताया कि भगवान जगन्नाथ को 108 घड़ा से स्नान कराया जाएगा। इसके कारण भगवान बीमार हो जाएंगे।