वैदिक सनातन धर्म में भगवतगीता का विशेष स्थान है। महाभारत के युद्ध के मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सखा अर्जुन को धर्म की रक्षा, कर्म का पाठ और दिव्य ज्ञान का बोध करने के लिए गीता का उपदेश दिया था। गीता महज एक किताब ही नहीं है,बल्कि यह साक्षात दिव्य प्रतिमूर्ति है। इसके नियमित अध्ययन और इसके संदेशों के अनुशरण से आदमी के जीवन में आमूल चूल परिवर्तन आता है। गीता हिंदू धर्म का बहुत ही पवित्र धर्मग्रंथ है। गीता का ज्ञान भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में अर्जुन को दिया था। गीता का संदेश भगवान श्रीकृष्ण के मुख से निकला हुआ अमृत समान शब्द है। मनुष्य को कर्म का रास्ता और दिव्य ज्ञान का बोध दिलाने के लिए गीता का पाठ भगवान कृष्ण ने महाभारत के युद्ध के दौरान अपने सखा अर्जुन को दिया था। ताकि मनुष्य माया, मोह, लोभ और छल के बंधनों से मुक्त होकर संमार्ग मिलता है।यही वजह है कि आज के वैज्ञानिक युग में भी अदालतों में कसम गीता की ही खिलाई जाती है। आइए जानते हैं भगवतगीता पाठ करने के क्या-क्या होते हैं फायदे।