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Krishna Bhagwan Ki Aarti Lyrics: जन्माष्टमी पर करें भगवान श्रीकृष्ण की ये आरती, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

Thu, 18 Aug 2022 08:03 AM IST
आशिकी पटेल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Shri Krishna Aarti: कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए और कुजं बिहारी की आरती करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान कृष्ण जरूर प्रसन्न होते हैं। 
 
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जन्माष्टमी पर करें भगवान श्रीकृष्ण की ये आरती - फोटो : iStock
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विस्तार
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Shri Krishna Aarti: इस साल 18 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। जन्माष्टमी भगवान कृष्ण की पूजा करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का विशेष दिन है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लोग तरह-तरह से लड्डू गोपाल को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। इस दिन कोई निर्जला व्रत रहता है, तो कोई कृष्ण नाम की माला का जाप करता है। कुछ लोग भगवान को छप्पन भोग लगाते हैं। वहीं जन्माष्टमी के दिन कान्हा को प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय है श्री कृष्ण की पूजा के बाद आरती करना। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री और पंचामृत का भोग लगाना चाहिए और कुंज बिहारी की आरती करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान कृष्ण जरूर प्रसन्न होते हैं...

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श्रीकृष्ण की आरती


आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला 
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला

गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक

चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग,  मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।

अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।

जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू 
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू 

हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
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