आजकल की तेज रफ्तार वाली जिंदगी में स्थिरता का अभाव होता है। जिससे अशुभ घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। साथ ही वर्तमान जीवनशैली के कारण बीमारियों का खतरा भी आम लोगों पर बढ़ता जाता है। ऐसे में हमारी प्राचीन संस्कृति हमें ऐसे मार्ग दिखाती है जिनसे हम स्वास्थ्य संबंधी, अशुभ घटनाओं आदि को टाल सकते हैं। इन्हीं उपायों में से एक है महामृत्युंजय मंत्र का पाठ। महामृत्युंजय मंत्र “ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम. उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात” भगवान शिव को प्रसन्न करने का मंत्र है। पुराणों में असाध्य रोगों व अकाल मृत्यु से मुक्ति के लिए इस मंत्र के जाप का विशेष उल्लेख मिलता है। यह मंत्र अत्यधिक शक्तिशाली माना जाता है।
किन परिस्थितियों में कराया जाता है महामृत्युजंय पाठ
अक्सर हमें आने वाली विपत्तियों का आभास पहले से ही होने लगता है, लेकिन हम अपने दैनिक कार्यों में इतने व्यस्त होते हैं कि हम उन्हें नजरअंदाज करते रहते हैं। जिसकी वजह से हमें उसका बाद में काफी बुरा परिणाम भुगतना पड़ता है। महामृत्युंजय मंत्र हमारे जीवन की सारी आपदाओं से रक्षा करता है। आमतौर पर इन परिस्थितियों में हमें महामृत्युंजय पाठ जरूर कराना चाहिए -
महामृत्युंजय पूजा के लाभ
इस प्रकार महामृत्युंजय पाठ कराने से ढेरों लाभ होते हैं। परन्तु वर्तमान समय में कोरोना वायरस के कारण पूरे विधिविधान से महामृत्युंजय पाठ कराना अत्यंत चुनौती भरा कार्य है। आम लोगों की इसी समस्या का समाधान लेकर आया है myjyotish.com जिसमें आप घर बैठे ही महामृत्युंजय पाठ का पुण्य अर्जित कर सकते हैं।