पीरियड्स में ऐसे करें करवा चौथ व्रत का पालन
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Karwa Chauth 2022 Fasting Rules During Periods: सनातन धर्म में मानव जीवन के कल्याण के लिए कई व्रत बताए गए हैं। धर्म शास्त्रों के अनुसार इन व्रतों में नियम, संयम और पवित्र आचरण का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। प्रत्येक व्रत को पूरी पवित्रता के साथ करना चाहिए। खास तौर पर स्त्रियों के लिए कहा जाता है कि मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पूजा पाठ या कोई धार्मिक अनुष्ठान नहीं करना चाहिए। साथ ही भगवान और किसी भी पूजा सामग्री को भी नहीं छूना चाहिए। लेकिन कई बार ऐसी स्थिति पैदा हो जाती है, जब महिलाओं का समझ नहीं आता कि वो क्या करें। 14 अक्टूबर को करवा चौथ व्रत है। ये व्रत साल में एक बार आता है। सुहागिन महिलाएं इस व्रत का साल भर इंतजार करती हैं। ऐसे में यदि पीरियड्स शुरू हो जाएं तो महिलाएं ये सोच कर परेशान हो जाती हैं कि पूजा करें या नहीं। तो चलिए जानते हैं कि ऐसी स्थिति में पूजा कैसे की जाए...
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पीरियड्स में करवा चौथ व्रत कैसे करें?
यदि करवा चौथ व्रत या पूजा-पाठ के दौरान पीरियड्स शुरू हो जाएं तो ऐसे में महिलाओं को अपना व्रत पूरा करना चाहिए।
इस दौरान मानसिक रूप से करवा माता की आस्था करनी चाहिए।
व्रती महिलाएं इस दिन पूजा-पाठ के दौरान दूर बैठकर किसी अन्य व्यक्ति से पूजा करवा सकती हैं।
ध्यान रहे कि इस दौरान पूजा-पाठ के सामान को नहीं छूना चाहिए।
पीरियड्स के दौरान आप मन में मंत्रों का जाप कर सकती हैं।
पीरियड्स के दौरान पूजा-पाठ क्यों नहीं करना चाहिए ?
प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, कहा जाता है कि मासिक धर्म के समय महिलाओं के शरीर में ऊर्जा का संचार अधिक होता है। इस ऊर्जा को भगवान भी नहीं सहन कर सकते हैं। इसलिए पीरियड्स के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ की मनाही होती है।
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