नवरात्र के अंतिम दो दिन अष्टमी व नवमीं को कन्या पूजन की परम्परा हैं। जिसमें दो वर्ष से लेकर दस वर्ष तक की कन्याओं की पूजा की जाती हैं। माना जाता हैं कि ये माता का ही एक रूप होती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयु के अनुसार कन्या पूजन के फल भी अलग- अलग होते हैं।
- नवरात्र में अगर आप दो वर्ष की कन्या की पूजा करते हैं तो इससे धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
- तीन वर्ष की कन्या को त्रिमूर्ति का रूप माना जाता हैं। इनकी पूजा करने से धन- धान्य आता है और परिवार में हमेशा ही सकारात्मकता रहती हैं।
- परिवार के कल्याण के लिए चार वर्ष की कन्या का पूजा करना शुभ होता हैं। ऐसा माना जाता है कि ये कल्याणी का रूप हैं।
- अगर किसी पर रोहिणी की कृपा हो तो वह व्यक्ति रोगों से दूर रहता हैं। पांच वर्ष की कन्या को रोहिणी का ही रूप माना गया हैं।