मोर पंख भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है। उनके मुकुट की शोभा मोरपंख से ही बढ़ती है, इसलिए इसे घर में रखना शुभ और सौभाग्यकारी माना जाता है। प्राचीन काल से ही मोरपंख को घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने, समृद्धि बनाए रखने और नकारात्मक शक्तियों से बचाव का प्रतीक माना गया है।
Krishna Janmashtami 2025: धार्मिक मान्यता है कि मोर पंख भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है। उनके मुकुट की शोभा मोरपंख से ही बढ़ती है, इसलिए इसे घर में रखना शुभ और सौभाग्यकारी माना जाता है। प्राचीन काल से ही मोरपंख को घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने, समृद्धि बनाए रखने और नकारात्मक शक्तियों से बचाव का प्रतीक माना गया है। वहीं, वास्तु शास्त्र में भी मोरपंख का विशेष महत्व बताया गया है। विशेषकर जन्माष्टमी के पावन दिन इससे जुड़े कुछ उपाय करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं, दरिद्रता समाप्त होती है और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
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1. मुख्य द्वार पर लगाएं मोर पंख
हिंद धर्म में मोर पंख को बहुत ही शुभ पवित्र माना जाता है। भगवान कृष्ण को मोरपंख बहुत ही प्रिय होता है। आज जन्माष्टमी के अवसर पर मोर पंख को घर के मुख्य द्वार पर लगाना शुभ माना जाता है। यह घर में प्रवेश करने वाली नकारात्मक ऊर्जा को रोकता है और सकारात्मक वातावरण बनाए रखता है।
2. तिजोरी में रखें मोर पंख
वास्तु के अनुसार मोर पंख से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और धन आकर्षित होता है ऐसे में तिजोरी या धन रखने के स्थान पर मोर पंख रखने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही बेफिजूल के खर्चो में रोकथाम भी होती है।
नजरदोष को खत्म करने के लिए भी मोरपंख का इस्तेमाल किया जाता है। जन्माष्टमी की रात मोर पंख से बच्चों की तीन बार नजर उतारकर उसे घर के मंदिर में रख दें या किसी सुरक्षित स्थान पर संभालकर रखें। ऐसा करने से बुरी नजर संबंधी परेशानियां दूर होती हैं।
4. व्यापार में लाभ के लिए
अगर किसी कारण से व्यापार में नुकसान हो रहा और तरक्की नहीं हो रही है तो मोर पंख और भगवान कृष्ण की मूर्ति को रखें। इससे लाभ के अवसरों में वृद्धि करने में सहायक माना जाता है।
5. दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए
दांपत्य जीवन में मधुरता, प्रेम और वैवाहिक रिश्तों को मजबूती देने के लिए शयनकक्ष में दक्षिण-पश्चिम दिशा में मोर पंख रखें