मां लक्ष्मी के कई रूप हैं। जो भक्त माता को जिस रूप में पूजता है माता उसी रूप में उस पर कृपा बरसाती हैं और भक्तों को धन-सपत्ति का आशीर्वाद देती हैं। देवी भागवत् में कहा गया है कि देवी महालक्ष्मी ही आदि शाक्ति हैं, जिन्हें आद्य लक्ष्मी के रूप में भी जाना जाता है। इन्होंने ही सृष्टि की रचना की।
मां सरस्वती, लक्ष्मी और काली ये तीनों ही देवियां इन्ही आद्य लक्ष्मी से प्रकट हुई हैं और इन्होने ने अपने योग्य पुरूषों का निर्माण किया जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश कहे जाते हैं। माता महालक्ष्मी ने संसार के कल्याण हेतु कई रूप धारण किये हैं। शास्त्रों में मां लक्ष्मी के अलग-अलग रूपों का वर्णन इस प्रकार मिलता है।