हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह को 15-15 दिनों में शुक्ल और कृष्ण पक्ष में बांटा गया है। इस समय वैशाख माह चल रहा है और 24 अप्रैल से वैशाख माह के शुक्ल पक्ष का पहला दिन होगा। वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष में कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार मनाए जाते हैं, जिसमें अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती, मोहिनी एकादशी और वैशाख पूर्णिमा आदि प्रमुख है। वैशाख माह में गर्मी बढ़ने लगती है ऐसे में इस पक्ष में स्नान और दान का महत्व काफी बढ़ जाता है। वैशाख शुक्ल पक्ष 24 अप्रैल से 7 मई तक रहेगा। आइए जानते हैं इस पक्ष के प्रमुख व्रत-त्योहार...
वैशाख शुक्लपक्ष के व्रत-त्योहार
अक्षय तृतीया- 26 अप्रैल, रविवार
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष में अक्षय तृतीया एक प्रमुख त्योहार है। अक्षय तृतीया एक अबूझ मुहूर्त है। इसमें सभी तरह के शुभ कार्य बिना पंचांग देखे ही किए जा सकते हैं। अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान परशुराम की जयंती भी है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों उच्च राशि में आ जाते हैं।
शंकराचार्य जयंती- 28 अप्रैल, मंगलवार
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर हिंदू धर्म के सबसे बड़े गुरु आदि शंकराचार्यजी का जन्म हुआ था।
गंगा सप्तमी- 30 अप्रैल, गुरुवार
गंगा सप्तमी 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर गंगा स्नान और पूजा का विशेष महत्व है। भगवान चित्रगुप्त का प्रकाट्योत्सव वैशाख शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन ही मनाया जाता है।
वैशाख अष्टमी- 1 मई, शुक्रवार
अष्टमी तिथि पर मां दुर्गा की विशेष रुप से पूजा की जाती है। अष्टमी तिथि पर मां दुर्गा की पूजा करने से दुश्मनों पर विजय की प्राप्ति होती है।
सीता नवमी- 2 मई, शनिवार
सीता नवमी का त्योहार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन जानकी जयंती के रूप में मनाई जाती है। इस दिन पृथ्वी की कोख से राजा दशरथ को माता सीता के रूप में पुत्री की प्राप्ति हुई थी। सीता नवमी का त्योहार बिहार और नेपाल के कुछ हिस्सों में विशेष रूप से मनाई जाती है।
मोहिनी एकादशी- 3 मई, रविवार
हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत काफी महत्वपूर्ण माना गया है। 03 मई को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी के रूप में मनाई जाएगी। इस व्रत करने से पितरों को तृप्ति मिलती है। एकादशी पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है।
प्रदोष व्रत- 5 मई
प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। मंगलवार, 05 मई को यह प्रदोष व्रत, भौम प्रदोष का संयोग बन रहा है।
नृसिंह जयंती- 6 मई, बुधवार
वैशाख माह के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार लिया था। इसी तिथि पर उन्होंने हिरण्यकश्यप का वध किया। इस दिन को नृसिंह जयंती के रूप में मनाया जाता है।
वैशाख पूर्णिमा- 7 मई, गुरुवार
वैशाख माह की पूर्णिमा गुरुवार, 7 मई को मनाई जाएगी। इस दिन गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व होता है।