Hanuman Ji Ki Puja Kitne Baje Karni Chahiye: हिंदू धर्म में सप्ताह के सभी सात दिन किसी न किसी देवता को समर्पित हैं। ज्योतिष हो या धर्म, हनुमानजी की पूजा का विशेष महत्व है। मंगलवार को बजरंग बली के भक्त पूरे मन और श्रद्धा से उनकी पूजा करते हैं। कहा जाता है कि जिस संकट को कोई टाल नहीं सकता उसे संकटमोचन हनुमान जी टाल देते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति मंगलवार के दिन विधि-विधान से भगवान हनुमान जी की पूजा करता है और उन्हें चोला चढ़ाता है, उसे बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है। लेकिन हनुमान जी की पूजा कब करनी चाहिए सुबह या शाम? आइए जानते हैं इसके बारे में।
हनुमान जी की आरती
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥
दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥
लंका सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥
लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज सवारे॥
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे॥
पैठि पाताल तोरि जम-कारे। अहिरावण की भुजा उखारे॥
बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे॥
सुर नर मुनि आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें॥
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई॥
जो हनुमान जी की आरती गावे। बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।