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Hanuman Janmotsav 2025: हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए ये पत्ते, फूल और फल चढ़ाएं, मिलेगी बजरंगबली की कृपा

Sat, 12 Apr 2025 12:04 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

हनुमानजी को कलियुग का सबसे प्रभावशाली और जाग्रत देवता माना गया है। वे अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से तुरंत प्रसन्न होते हैं और उनके जीवन से भय, रोग, दोष और बाधाएं समाप्त करते हैं।
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Hanuman Janmotsav 2025: तुलसी पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है। इसे हनुमान जी को अर्पित करने से मन की शुद्धि और भक्ति में स्थिरता आती है। - फोटो : adobe stock
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विस्तार
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हनुमानजी को कलियुग का सबसे प्रभावशाली और जाग्रत देवता माना गया है। वे अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से तुरंत प्रसन्न होते हैं और उनके जीवन से भय, रोग, दोष और बाधाएं समाप्त करते हैं। हनुमानजी की पूजा में विशेष पत्ते, फूल और फल चढ़ाने की परंपरा है, जिसका उल्लेख विभिन्न पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। आइए जानते हैं हनुमान जी को कौन-कौन से पत्ते, फूल और फल चढ़ाने चाहिए और उनसे क्या लाभ प्राप्त होते हैं।

1. पत्ते (पत्र) जो हनुमान जी को प्रिय हैं

बेलपत्र: शिव तत्व से जुड़ा हुआ यह पत्ता हनुमान जी को चढ़ाने से वीरता और साहस की प्राप्ति होती है।
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तुलसी दल: तुलसी पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है। इसे हनुमान जी को अर्पित करने से मन की शुद्धि और भक्ति में स्थिरता आती है।
आक के पत्ते: इन पत्तों को चढ़ाने से शत्रु बाधाएं, बुरी नजर और भूत-प्रेत दोष दूर होते हैं। मंगलवार और शनिवार को इनका विशेष महत्व है।
पीपल के पत्ते: पीपल के पत्ते भगवान विष्णु, शिव और हनुमानजी तीनों से संबंधित माने जाते हैं। इसे चढ़ाने से शनि दोष, पितृ दोष और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

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2. फूल जो हनुमान जी को अर्पित किए जाते हैं

गेंदे का फूल: यह शक्ति, आरोग्य और शुभता का प्रतीक है। इसे चढ़ाने से रोग दूर होते हैं और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।
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गुड़हल का फूल: इसका लाल रंग हनुमान जी को प्रिय है। इसे चढ़ाने से आत्मविश्वास, साहस और विजय प्राप्त होती है।
लाल गुलाब: प्रेम और भक्ति का प्रतीक यह फूल चढ़ाने से मन शांत होता है और पूजा में एकाग्रता आती है।
कनेर का फूल: कनेर का फूल विशेष रूप से हनुमान जी को प्रिय है। यह फूल शुद्धता, समर्पण और अखंड भक्ति का प्रतीक माना गया है। इसे चढ़ाने से दीर्घायु, स्वास्थ्य लाभ और बाधाओं से रक्षा होती है। विशेषकर पीले और लाल रंग के कनेर फूल उपयोगी माने जाते हैं।

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3. फल जो हनुमान जी को चढ़ाए जाते हैं

केला: यह फल पोषण और स्थिरता का प्रतीक है। हनुमान जी को केला चढ़ाने से स्वास्थ्य लाभ और संतुलन की प्राप्ति होती है।
अनार: यह फल रक्त, ऊर्जा और सौंदर्य का प्रतीक है। इसे चढ़ाने से शरीर में शक्ति और मानसिक स्पष्टता आती है।
सिंदूर मिश्रित नारियल: नारियल शुद्धता और समर्पण का प्रतीक है। इस पर सिंदूर लगाकर चढ़ाने से सभी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और जीवन में स्थायित्व आता है।

इन बातों का रखें ध्यान
हनुमानजी की पूजा करते समय हमेशा शुद्धता का ध्यान रखें। लाल और केसरिया रंग उन्हें अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए वही रंग के फूल और वस्त्र उपयोग में लाएं। पूजा सामग्री ताजगी से युक्त होनी चाहिए और श्रद्धा से अर्पित करनी चाहिए।
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