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Hanuman Ji Bhajan: 'हे दुख भंजन, मारुती नंदन...', हनुमान जयंती पर बजरंगबली को ये भजन गाकर करें खुश

Tue, 08 Apr 2025 03:50 PM IST
दीक्षा पाठक धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Hanuman Jayanti 2025: क्या आप जानते हैं? हनुमान जी को खुश करना आसान नहीं है। इसके लिए हमें सही तरीके से पूजा करनी चाहिए। अगर आप भी चाहते हैं कि हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे और आपके जीवन से परेशानियां दूर हों, तो हनुमान जयंती पर इस भजन को गा या फिर सुन जरूर सकते हैं।
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हनुमान जयंती पर बजरंगबली को भजन गाकर करें खुश - फोटो : freepik
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विस्तार
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संकटमोचन हनुमान जी शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक हैं। उनकी पूजा करने से हमारे जीवन में हिम्मत, सफलता और अच्छी ऊर्जा आती है। हनुमान जयंती हिंदू धर्म का एक बहुत ही खास त्योहार है, जिसे हनुमान जी के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस बार हनुमान जयंती 12 अप्रैल को है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, हनुमान जी की पूजा करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने की पूरी कोशिश करते हैं। हनुमान जी को भगवान शिव का अवतार माना जाता है और उनका जन्म वायु देव की कृपा से हुआ था। उनमें ताकत, समझदारी और भगवान राम के प्रति गहरी भक्ति तीनों चीजें एक साथ देखने को मिलती हैं।
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लेकिन क्या आप जानते हैं? हनुमान जी को खुश करना आसान नहीं है। इसके लिए हमें सही तरीके से पूजा करनी चाहिए। अगर आप भी चाहते हैं कि हनुमान जी की कृपा आप पर बनी रहे और आपके जीवन से परेशानियां दूर हों, तो हनुमान जयंती पर इस भजन को गा या फिर सुन जरूर सकते हैं। इसके लिए हमने नीचे भजन के शब्दों को अच्छे से बताया है।

भजन- हे दुख भन्जन, मारुती नंदन

हे दुख भन्जन, मारुती नंदन,

सुन लो मेरी पुकार।

पवनसुत विनती बारम्बार|

अष्ट सिद्धि, नव निद्दी के दाता,

दुखिओं के तुम भाग्यविदाता ।

सियाराम के काज सवारे,

मेरा करो उधार॥

पवनसुत विनती बारम्बार।

हे दुःख भंजन, मारुती नंदन,

सुन लो मेरी पुकार।

पवनसुत विनती बारम्बार|

अपरम्पार है शक्ति तुम्हारी,

तुम पर रीझे अवधबिहारी ।

भक्ति भाव से ध्याऊं तुम्हे,

कर दुखों से पार॥

पवनसुत विनती बारम्बार।

हे दुःख भंजन, मारुती नंदन,

सुन लो मेरी पुकार।

पवनसुत विनती बारम्बार|

जपूं निरंतर नाम तिहरा,

अब नहीं छोडूं तेरा द्वारा।

राम भक्त मोहे शरण मे लीजे,

भाव सागर से तार॥

पवनसुत विनती बारम्बार।

हे दुःख भंजन, मारुती नंदन,

सुन लो मेरी पुकार।

पवनसुत विनती बारम्बार॥

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 

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