हिंदू धर्म में तिलक लगाने का विशेष महत्व है। तिलक लगाना हमारे धर्म और परंपरा का एक जरूरी हिस्सा है। ये सिर्फ माथे पर एक निशान नहीं, बल्कि मन और आत्मा को ऊर्जा देने वाला एक बेहतरीन तरीका भी है। हालांकि, अगर हम इसे सही नियमों से नहीं करें तो इसका पूरा फल भी नहीं मिलता है। पूजा के वक्त जब भी हम तिलक लगाते हैं तो उस वक्त कुछ छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं, जिससे इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता। तो आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि तिलक लगाते वक्त कौन सी गलतियों से बचना है और इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना है। आइए विस्तार से जानते हैं।
1. तिलक लगाने से जरूर कर लें साफ-सफाई
जब भी पूजा करें और तिलक लगाएं तो यह काम स्नान के बाद ही करें और नहाने के बाद साफ कपडे़ भी पहन लें। अगर आप बिना नहाए और गंदे कपड़ों में तिलक लगाते हैं तो इसका असर कम हो जाता है और आपको शुभ फल भी नहीं मिलता है। इसलिए हमेशा नहाने के बाद ही पूजा करें और उसी दौरान तिवक भी लगाएं।
2. सही उंगली का करें चुनाव
यह बात ध्यान देने की है कि तिलक हमेशा अनामिका (रिंग फिंगर) से लगाना चाहिए। यही सबसे शुभ मानी जाती है। कभी-कभी अंगूठे से भी लगाया जा सकता है, लेकिन तर्जनी (इंडेक्स फिंगर) से तिलक नहीं लगाना चाहिए। यह सही तरीका भी नहीं है और इससे तिलक लगाने का सारा फल भी खत्म हो जाता है।
3. सही समय पर लगाएं तिलक
बता दें कि तिलक लगाने का सबसे अच्छा समय है सुबह पूजा करने के बाद या किसी शुभ काम से पहले। जैसे, घर से बाहर निकलते वक्त, किसी धार्मिक स्थान पर जाते वक्त या त्योहारों पर। अगर इन विशेष दिनों पर आप तिलक लगाते हैं तो इसका शुभ फल आपको जरूर मिलता है।
4. शांत मन से ही लगाएं तिलक
यह बात ध्यान देने की है कि अगर आप गुस्से में हैं, परेशान हैं या मन अशांत है, तो उस समय तिलक न लगाएं। तिलक लगाने के वक्त मन में शांति और श्रद्धा होनी चाहिए। यह आध्यामत्मिकता का प्रतीक है और इस कार्य से दिल और दिमाग पर सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है।
5. गलत जगह पर न लगाएं तिलक
तिलक लगाने के लिए मंदिर, घर का पूजा स्थान या कोई साफ-सुथरी जगह सबसे ठीक रहती है। गंदी या अपवित्र जगह पर तिलक लगाना ठीक नहीं माना जाता है। ऐसे में आप जब भी तिलक लगाएं, इसके लिए अपने पूजा घर का ही चुनाव करें।
6. तिलक का रंग भी मायने रखता है
हर तिलक की अपनी अलग खासियत होती है। चंदन का तिलक ठंडक और शांति देता है। वहीं, कुमकुम ऊर्जा और शक्ति देता है। भस्म यानी कि राख साधुता और त्याग का संकेत है। केसर शुभता और समृद्धि लाता है। याद रखें कि तिलक की रेखा सीधी और पूरी होनी चाहिए। टूटा-फूटा या आधा-अधूरा तिलक अशुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।