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शगुन-अपशगुन: बार-बार खाने में बाल आना किस बात का है संकेत ?

Mon, 29 Jul 2024 04:01 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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khane me baal aane ka matlab - फोटो : अमर उजाला
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Shagun Apshagun: धार्मिक ग्रंथों में भोजन बनाने से लेकर उसके सेवन से जुड़े सभी नियमों का उल्लेख है। इन नियमों का पालन करने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। माना जाता है कि जिस घर में भोजन से जुड़े सभी नियमों का पालन होता है, वहां हमेशा लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहती है। साथ ही अन्नपूर्णा देवी भी प्रसन्न होती हैं। लेकिन कई बार खाना बनाते समय कुछ ऐसे संकेत मिलते हैं, जो शायद किसी घटना की ओर इशारा करते हैं। 

आमतौर पर खाना बनाते समय या खाते समय बाल आ जाता है। कुछ लोग इसका कारण घर में गंदगी या सब्जियों को सही तरीके से साफ न करना मानते हैं। हालांकि इसकी एक वजह पितृ दोष भी हो सकती है। शास्त्रों के अनुसार खाना खाते समय जब थाली में तुरंत बाल दिख जाए, तो इसे पितृ दोष का संकेत माना जाता है। बाल वाले भोजन का सेवन करने से अशुभ परिणामों की प्राप्ति हो सकती है, इसलिए इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसी कड़ी में आइए जानते हैं कि खाने में बाल आना और किन बातों का संकेत होता है। 

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इन बातों का है संकेत
हिंदू धर्म में भोजन के समय मुंह में बाल आना अशुभ होता है। इसे किसी घटना के आगमन का प्रतीक माना जाता है। शास्त्रों के मुताबिक बार-बार खाने में बाल आना राहु का अशुभ प्रभाव हो सकता है। बता दें, राहु के प्रभाव से न केवल धन हानि होती है, बल्कि ये स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ाता है। कई बार भोजन परोसते समय भी बाल आ जाते हैं, जिसे किसी अशुभ समाचार मिलने का संकेत माना गया है।

पितृदोष मुक्ति के उपाय
खाने में बाल आना पितृ दोष का संकेत होता है। ऐसे में आप कुछ उपायों की सहायता से दोष दूर कर सकते हैं। बता दें परिवार के सभी सदस्यों के साथ आप बारबार मात्रा में सिक्के लें। फिर उन सिक्कों का मंदिर में दान करें। इससे पितृदोष से मुक्ति मिल सकती है। वहीं अमावस्या तिथि पर प्रातःकाल और संध्या के समय घर में पूजा के दौरान कपूर जलाएं। माना जाता है कि इस उपाय को करने से पितृ दोष दूर होता है।
 
पितृदोष से मुक्ति के लिए आप किसी भी माह की अमावस्या तिथि पर कौवा, चिड़िया, कुत्ते और गाय को भोजन कराएं। ऐसा करना शुभ होता है। इस दौरान माथे पर केसर का तिलक लगाएं और विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नमक, गुड, छाता, सफेद कपड़े आदि दान करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

(अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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