फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Guru Nanak Jayanti 2023: गुरु नानक जयंती आज , जानिए इस दिन क्यों मनाया जाता है प्रकाश पर्व

Mon, 27 Nov 2023 08:57 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Guru Nanak Jayanti 2023: कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष कि पूर्णिमा तिथि पर गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। इस साल कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर को है, इसलिए 27 नवंबर को ही सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी जयंति मनाई जाएगी। 
विज्ञापन
Guru Nanak Jayanti 2023: गुरु नानक जयंती - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Guru Nanak Jayanti 2023: गुरु नानक जयंती सिख समुदाय के लोगों का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह पर्व गुरु नानक देव जी के जन्म दिवस के अवसर पर मनाया जाता है। कहा जाता है कि कार्तिक माह में शुक्ल पक्ष कि पूर्णिमा तिथि पर गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। इस साल कार्तिक पूर्णिमा 27 नवंबर को है, इसलिए 27 नवंबर को ही सिख धर्म के पहले गुरु, गुरु नानक देव जी जयंती मनाई जाएगी। गुरु नानक देव की जयंती को गुरु पर्व और प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सिख लोग गुरुद्वारे जाकर गुरुग्रंथ साहिब का पाठ करते हैं। गुरु पर्व पर सभी गुरुद्वारों में भजन, कीर्तन होता है और प्रभात फेरियां भी निकाली जाती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन थे गुरुनानक देव और कैसे मनाई जाती है इनकी जयंती... 

विज्ञापन


Tulsi Vivah 2023 Date: 23 या 24 नवंबर, कब है तुलसी विवाह? यहां जानिए सही तारीख और मुहूर्त

गुरुनानक जी की जन्म तिथि और स्थान
गुरु नानक जी की माता का नाम तृप्ता और पिता का नाम कल्याणचंद था। गुरु नानक जी का जन्म 1469 में पंजाव प्रांत के तलवंडी में हुआ था। यह स्थान अब पाकिस्तान में है। इस स्थान को नानकाना साहिब के नाम से जाना जाता है। सिख धर्म के लोगों के लिए यह बहुत ही पवित्र स्थल है। 
विज्ञापन


नानक देव जी एक संत, गुरु और समाज सुधारक भी थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव हित में समर्पित कर दिया था। कहा जाता है कि नानक जी बचपन से ही अपना ज्यादातर समय चिंतन में बिताते थे। वे सांसारिक बातों का मोह नहीं रखते थे। 
विज्ञापन


Tulsi Vivah 2023 Puja Samagri: तुलसी विवाह की संपूर्ण पूजन सामग्री और विधि

गुरुनानक देव ने समाज को एकता में बांधने और जाति-पाति को मिटाने के लिए कई उपदेश दिए थे। उनकी जयंती को हर साल गुरु पर्व या प्रकाश पर्व के रुप में मनाया जाता है। यह सिख धर्म में मनाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। इस दिन गुरुद्वारों में कीर्तन दरबार सजता है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें