मंदोदरी रावण की पहली पत्नी थी। मंदोदरी राक्षस मयासुर की संतान थीं। रावण के साथ मंदोदरी का विवाह होने के बाद इंद्रजीत, मेघनाद, महोदर, प्रहस्त, विरुपाक्ष और भीकम वीर संतानें हुईं।
Happy Dussehra 2022: अश्विन महीने की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर भगवान राम ने लंका नरेश, विद्वान महाज्ञानी,महान पंडित और अहंकारी रावण का वध करके असत्य पर सत्य की जीत का पताका फहराया था। तभी से हर वर्ष दशहरा का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक रूप में माना जाता है। इस दिन देश के कोने-कोने में रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला बनाकर दहन किया जाता है। इस बार दशहरा का त्योहार आज यानी 05 अक्तूबर,बुधवार के दिन मनाया जा रहा है। रावण ने माता सीता का अपहरण कर लंका ले गया था तब प्रभु राम ने सीता जी को छुडाने के लिए रावण संग युद्ध कर माता को मुक्त करवाया था। तब रावण की पत्नी मंदोदरी ने रावण के इस काम का विरोध किया था। वाल्मीकि रामायण में लंका नरेश की पत्नी मंदोदरी का ही वर्णन मिलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंदोदरी के अलावा रावण की दो और भी पत्नियां थीं। आइए जानते हैं आखिरी रावण की कितनी पत्नियां थी और रावण की मृत्यु के बाद मंदोदरी कहां और किससे साथ अपनी जीवन बिताया था।
विज्ञापन
मंदोदरी रावण की पहली पत्नी थी। मंदोदरी राक्षस मयासुर की संतान थीं। रावण के साथ मंदोदरी का विवाह होने के बाद इंद्रजीत, मेघनाद, महोदर, प्रहस्त, विरुपाक्ष और भीकम वीर संतानें हुईं। रावण की दूसरी पत्नी का नाम धन्यमालिनी था। इसके अलावा रावण की तीसरी पत्नी नाम अज्ञात था।
रावण के बाद मंदोदरी का क्या हुआ
14 वर्षों के वनवास के दौरान भगवान राम ने विजयादशमी पर लंका नरेश रावण समेत उनके भाईयों और पुत्रों का वध करके माता सीता को छुडवाया था। भगवान राम ने लंका पर विजय प्राप्ति के बाद विभीषण को वहां का राजा नियुक्ति किया था। शास्त्रों के अनुसार रावण की मृत्यु के बाद विभीषण ने अपने भाई की पत्नी मंदोदरी से विवाह कर लंका के राज्य का संचालन किया था। हालांकि पहले मंदोदरी ने विभीषण संग विवाह के प्रस्ताव का ठुकरा दिया थी लेकिन बाद में उन्होने विभीषण के साथ विवाह का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।