महाभारत युद्घ पाण्डवों और कौरवों के बीच हुआ था। इस युद्घ में लाखों की संख्या में वीरों की मौत हुई थी। इसका एक मात्र कारण कौरव राजकुमार दुर्योधन को माना जाता है। दुर्योधन के जिद्द, अहंकार और लालच ने लोगों को युद्घ की आग में झोंक दिया। इसलिए दुर्योधन को महाभारत का खलनायक भी कहा जाता है।
महाभारत की कथा में ऐसा प्रसंग भी आया है कि दुर्योधन ने काम पीड़ित होकर कुंवारी कन्याओं का अपहरण किया था। प्राणों की रक्षा के लिए यह महाभारत युद्घ के अंतिम समय में माता के पास नग्न अवस्था में पहुंच गया था। ऐसे व्यक्ति की अगर कोई पूजा करे तो आपको हैरानी जरुर होगी।
लेकिन यह हैरान करने वाला सच उत्तराखंड में देखा जा सकता है। यहां दून घाटी के जखोल गांव में सोमेश्वर देवता यानी दुर्योधन मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर यहां के लोगों की आस्था का केंद्र हैं। इस क्षेत्र के लोग पांडवों से नफरत करते हैं, यहां पांडवों का नाम लेना भी पाप समझा जाता है।