वैसे तो चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमा जयंती मनाते हैं, लेकिन वाल्मिकी की रामायण में कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि को हनुमान जयंती बताया गया है। इसलिए धनतेरस के दिन हनुमान जी की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। इस बार धनतेरस का त्योहार 13 नवंबर को मनाया जाएगा। तो चलिए जानते हैं पंचमुखी हनुमान के महत्व बारे में। हनुमान जी के इस स्वरुप की पूजा से साधक के सारे संकट टल जाते हैं। पंचमुखी हनुमान जी की साधना बहुत ही प्रभावशाली मानी जाती है। कथाओं के अनुसार महाभारतकाल में स्वयं भगवान कृष्ण ने पांडवों को पंचमुखी हनुमान की साधना करने के कहा था। अगर घर में पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर होती है तो मंगल, शनि और पितृदोष से भी मुक्ति मिलती है। घर से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां दूर चली जाती हैं। लेकिन पंचमुखी हनुमान जी की तस्वीर या प्रतिमा हमेशा दक्षिण दिशा में लगानी चाहिए। इनकी पूजा आराधना नियमपूर्वक करने से सारें संकटो का समाधान हो जाता है। जानते हैं कि हनुमान जी ने क्यो धारण किया पंचमुखी स्वरुप...