हर माह दोनों पक्षों की ग्याहरवीं तिथि को एकादशी का व्रत किया जाता है। इस तरह से एक माह में दो और पूरे वर्ष में 24 एकादशी तिथि पड़ती हैं। एकादशी व्रत को सभी व्रतों में श्रेष्ठ बताया गया है। हर एकादशी का अपना एक अलग महत्व होता है। फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। इस बार एकादशी का व्रत 25 मार्च दिन गुरूवार को किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ आंवले के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए। मान्यताओं के अनुसार अमालकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष का पूजन करने से सौ गायों का दान करने के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है। आमलकी एकादशी पर भगवान विष्णु का पूजन करने के पश्चात एकादशी के महात्म्य की कथा पढ़नी या श्रवण करनी चाहिए। जानते हैं एकादशी व्रत की कथा।