उदया तिथि के अनुसार 10 नवंबर को अक्षय नवमी मनाई जाएगी।
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अक्षय नवमी तिथि
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि आरम्भ: 09 नवंबर, रात्रि 10: 45 मिनट पर
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि समाप्त: 10 नवंबर, रात्रि 09: 01 मिनट पर
उदया तिथि के अनुसार 10 नवंबर को अक्षय नवमी मनाई जाएगी। इस दिन महिलाएं व्रत रख सकती हैं।
, नवमी तिथि तक दुर्लभ शिववास योग का संयोग बन रहा है।
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अक्षय नवमी शुभ योग
ज्योतिषियों की मानें तो आंवला नवमी पर दुर्लभ ध्रुव योग का निर्माण हो रहा है। इस योग का संयोग 11 नवंबर देर रात 01 बजकर 42 मिनट तक है। साधक प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद विधिपूर्वक आंवला पेड़ की पूजा कर सकते हैं। इस शुभ अवसर पर रवि योग का भी निर्माण हो रहा है। इसके अलावा, नवमी तिथि तक दुर्लभ शिववास योग का संयोग बन रहा है। इन योग में आंवला पेड़ की पूजा करने से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
अक्षय नवमी के दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
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अक्षय नवमीपर आंवले पेड़ के नीचे बैठकर भगवान विष्णु की आराधना की जाती है।
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अक्षय नवमी की पूजा विधि
धार्मिक ग्रंथों में आंवले को पवित्र माना गया है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इस दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस विशेष दिन पर, भक्त आंवले के पेड़ के नीचे बैठते हैं और भक्तिपूर्वक प्रार्थना करते हैं। अक्षय नवमी पर पितरों का श्राद्ध और तर्पण भी किया जाता है। नई शुरुआत के लिए भी यह दिन अनुकूल माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यवसाय में निवेश करने या नई योजनाएं शुरू करने के लिए यह अनुकूल समय है।